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गैस संकट पर रांची प्रशासन की बड़ी बैठक, घर-घर पहुंचेगा LPG सिलेंडर, गोदाम से वितरण पर रोक, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Written by:Gaurav Sharma
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रांची जिला प्रशासन ने पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण हो रही एलपीजी सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने गैस कंपनियों के साथ बैठक कर घर पर ही सिलेंडर की डिलीवरी अनिवार्य की और कालाबाजारी पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने की चेतावनी दी है। गैस गोदामों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की जाएगी।
गैस संकट पर रांची प्रशासन की बड़ी बैठक, घर-घर पहुंचेगा LPG सिलेंडर, गोदाम से वितरण पर रोक, कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

रांची: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण देशभर में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बढ़ गई है। रांची में भी गैस एजेंसियों के गोदामों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और अनुचित मूल्य पर बिक्री की खबरें भी सामने आ रही हैं। इसी को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।

शनिवार को रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने गैस तेल कंपनियों के उच्च अधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य मकसद एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, घर-घर डिलीवरी को प्रभावी बनाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना था। उपायुक्त ने सभी संबंधित पक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

घर पर ही मिलेगी गैस, गोदाम से वितरण बंद

उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने एलपीजी गैस सिलेंडर की डिलीवरी हर हाल में उपभोक्ताओं के घर पर ही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मौजूदा हालात की समीक्षा करते हुए गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों को साफ शब्दों में कहा कि किसी भी उपभोक्ता को गैस गोदाम या डिपो से सिलेंडर उठाने के लिए नहीं भेजा जाएगा। होलीवरी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाना है। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए गैस एजेंसियों के गोदामों पर जाकर लाइन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, उन्हें उनके घर पर ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम भीड़ को कम करने और वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है।

हालांकि, यदि किसी उपभोक्ता को तत्काल गैस की आवश्यकता है, तो वह गैस एजेंसी से 5 किलोग्राम का छोटा सिलेंडर ले सकता है। लेकिन सामान्य 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की डिलीवरी केवल घर पर ही होगी। यह व्यवस्था आपातकालीन जरूरतों और सामान्य आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए लाई गई है।

कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उपायुक्त ने कालाबाजारी और अनुचित मूल्य पर सिलेंडर बेचने वालों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह गैस एजेंसी संचालक हो या कर्मचारी, गैस सिलेंडर की कालाबाजारी, ब्लैक मार्केटिंग या अनुचित मूल्य पर बिक्री करते पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही, कड़ी कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। जिला प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पदाधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि संकट की इस घड़ी में कोई भी अनुचित लाभ उठाने की कोशिश न करे और उपभोक्ताओं का शोषण न हो।

भीड़ नियंत्रण और भविष्य की सप्लाई पर नजर

गैस गोदामों पर अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। कुछ संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी परिस्थिति में गोदाम से सीधे सिलेंडर का वितरण न करें। यह सुनिश्चित करेगा कि उपभोक्ता सीधे गोदामों पर न पहुंचें और कानून-व्यवस्था बनी रहे।

बैठक में भविष्य में गैस की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पैनिक बुकिंग न करें। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता केवल अपनी तय बुकिंग सीमा के अनुसार ही बुकिंग करें, ताकि वितरण व्यवस्था बनी रहे और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके। पैनिक बुकिंग से आपूर्ति श्रृंखला पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और वास्तविक जरूरतमंदों को सिलेंडर मिलने में देरी हो सकती है।

गैस कंपनियों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त के सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं की सुविधा और गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे, ताकि इस मुश्किल समय में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

Gaurav Sharma
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