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झारखंड के गोड्डा जिले को बड़ी सौगात, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई योजनाओं का किया उद्घाटन, बोलीं- गांवों का समग्र विकास ही सरकार की प्राथमिकता

Written by:Ankita Chourdia
Published:
झारखंड के गोड्डा जिले के महगामा में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को केंद्र सरकार से 52 से 65 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत कराई गई है, जिससे विकास कार्यों में तेजी आई है। मंत्री ने मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशों पर चिंता जताई और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा का भरोसा दिलाया।
झारखंड के गोड्डा जिले को बड़ी सौगात, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कई योजनाओं का किया उद्घाटन, बोलीं- गांवों का समग्र विकास ही सरकार की प्राथमिकता

गोड्डा जिले की पंचायतों को बीते एक वर्ष में केंद्र सरकार से 52 से 65 लाख रुपये तक की राशि मिली है। इस बढ़े हुए बजट के कारण कई वर्षों से अटकी विकास योजनाएं अब तेजी से पूरी हो रही हैं। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने गोड्डा के महगामा में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए यह जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई कि गांवों का समग्र विकास ही उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि पहले सीमित बजट के कारण कई महत्वपूर्ण योजनाएं ठंडे बस्ते में पड़ी रहती थीं। पंचायतों के पास अपने स्तर पर बड़े विकास कार्य कराने के लिए पर्याप्त फंड नहीं होता था। लेकिन, अब बढ़े हुए फंड से छोटे-बड़े सभी विकास कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे हो रहे हैं। इससे उन योजनाओं को भी पूरा किया जा रहा है जो वर्षों से लंबित थीं और जिनके पूरा होने का इंतजार ग्रामीण लंबे समय से कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह वित्तीय सहायता सीधे जमीनी स्तर पर बदलाव ला रही है, जिससे ग्रामीणों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। सरकार का सीधा उद्देश्य यही है कि हर गांव और हर पंचायत आत्मनिर्भर बने और विकास की मुख्य धारा से जुड़े।

मनरेगा पर चिंता, सरकार की प्रतिबद्धता

इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा योजना को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। ऐसी स्थितियां बनाई जा रही हैं जिससे ग्रामीण मजदूर खुद काम मांगने में हिचकिचाएं और उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाए। यह स्थिति ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा केंद्र सरकार की योजना है, लेकिन इसके तहत काम करने वाले मजदूरों के बकाया भुगतान के लिए राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार से संपर्क में है। वे मजदूरों के हक के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका बकाया भुगतान जल्द से जल्द हो जाए।

मंत्री ने साफ किया कि भले ही मनरेगा एक केंद्रीय योजना हो, लेकिन मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें समय पर उनका मेहनताना दिलवाना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस जिम्मेदारी को निभाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। गोड्डा के स्थानीय लोगों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि क्षेत्र की सभी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। कई गांवों में आज भी शुद्ध पेयजल की समस्या है, जिसे दूर करने के लिए ठोस योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि किसानों को खेती में मदद मिल सके।

बुनियादी ढांचे पर जोर

दीपिका पांडेय सिंह ने जल स्रोतों के विकास पर भी बात की। उन्होंने जानकारी दी कि लकड़मारा दह की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, क्षेत्र के अन्य जल स्रोतों के विकास पर भी काम जारी है। इन जल स्रोतों के जीर्णोद्धार और नए जल स्रोतों के विकास से भूजल स्तर में सुधार होगा और गर्मियों में पानी की कमी की समस्या से निपटा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पुराने नालों का जीर्णोद्धार भी किया जा रहा है। इन नालों में जल प्रवाह को फिर से सक्रिय किया जाएगा, जिससे सिंचाई व्यवस्था और बेहतर होगी। इससे किसानों को अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के महत्व को समझते हुए मंत्री ने सड़क निर्माण पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि जर्जर सड़कों के निर्माण और मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई ग्रामीण सड़कें खराब हालत में हैं, जिससे आवागमन मुश्किल होता है। इन सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और कनेक्टिविटी मजबूत होगी। बेहतर सड़कें न केवल स्थानीय लोगों के लिए यात्रा को आसान बनाती हैं, बल्कि कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच में भी सुधार करती हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य पंचायत स्तर पर समग्र और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। यह विकास ऐसा हो जो समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और किसी को पीछे न छोड़े। उनका लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर बेहतर हो, लोगों को बुनियादी सुविधाएं मिलें और वे आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार लगातार उन योजनाओं पर काम कर रही है जो गांवों को सशक्त और समृद्ध बना सकें।

Ankita Chourdia
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