Hindi News

जबलपुर में NCC कैंप में 31 कैडेट्स की तबीयत बिगड़ी, हीट स्ट्रोक से मचा हड़कंप

Written by:Bhawna Choubey
Published:
भीषण गर्मी के बीच जबलपुर के NCC प्रशिक्षण शिविर में 31 से ज्यादा कैडेट्स अचानक बीमार पड़ गए। चक्कर, उल्टी और कमजोरी की शिकायत के बाद सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
जबलपुर में NCC कैंप में 31 कैडेट्स की तबीयत बिगड़ी, हीट स्ट्रोक से मचा हड़कंप

जबलपुर में चल रहे NCC प्रशिक्षण शिविर में उस समय हड़कंप मच गया, जब 31 से ज्यादा कैडेट्स की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बताया जा रहा है कि बच्चों को चक्कर आना, उल्टी-दस्त और कमजोरी जैसी शिकायतें होने लगीं। हालत बिगड़ते ही सभी कैडेट्स को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना के बाद कैंप में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई परिजन भी बच्चों की हालत की खबर सुनते ही अस्पताल पहुंच गए। फिलहाल डॉक्टरों की टीम सभी कैडेट्स की निगरानी कर रही है। बताया जा रहा है कि कुछ बच्चों की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है।

45 डिग्री तापमान के बीच चल रहा था प्रशिक्षण

जानकारी के मुताबिक यह NCC प्रशिक्षण शिविर डुमना रोड स्थित IIITDM जबलपुर परिसर में आयोजित किया गया था। यहां जबलपुर समेत आसपास के जिलों से आए 450 से ज्यादा NCC कैडेट्स ट्रेनिंग ले रहे थे।

पिछले कई दिनों से मध्य प्रदेश में तेज गर्मी पड़ रही है। जबलपुर में तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसे में खुले मैदान में लंबे समय तक ट्रेनिंग करना बच्चों की सेहत पर भारी पड़ गया।

बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 8 बजे अचानक कई कैडेट्स की तबीयत खराब होने लगी। कुछ बच्चों को तेज चक्कर आए, जबकि कई बच्चों को उल्टी और कमजोरी महसूस हुई।

हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन की आशंका

डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती जांच में कई बच्चों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण पाए गए हैं। तेज धूप और शरीर में पानी की कमी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।

अस्पताल में भर्ती बच्चों को तुरंत ग्लूकोज और जरूरी दवाइयां दी गईं। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। राहत की बात यह है कि ज्यादातर बच्चों की स्थिति अब पहले से बेहतर बताई जा रही है। हालांकि कुछ कैडेट्स की हालत को लेकर डॉक्टर अभी भी सतर्क हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं।

NCC अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी चिंता

घटना के बाद NCC अधिकारियों और जिला प्रशासन में भी चिंता बढ़ गई है। कैंप में मौजूद अधिकारियों ने बच्चों के परिजनों को जानकारी दी है। अस्पताल में देर रात तक अधिकारियों की आवाजाही बनी रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों की जांच की और जरूरी मेडिकल व्यवस्था सुनिश्चित की।

बताया जा रहा है कि यह प्रशिक्षण शिविर 14 मई से शुरू हुआ था और 24 मई तक चलना था। अब इस घटना के बाद कैंप की व्यवस्थाओं और गर्मी में ट्रेनिंग को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

गर्मी से बचाव को लेकर बढ़ी चिंता

मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। लगातार बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज धूप में लंबे समय तक रहने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे चक्कर, कमजोरी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर बच्चों और युवाओं को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होती है। डॉक्टर लोगों को ज्यादा पानी पीने, धूप से बचने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दे रहे हैं।

परिजनों में चिंता का माहौल

कैडेट्स के बीमार होने की खबर मिलते ही कई परिजन अस्पताल पहुंच गए। बच्चों की हालत देखकर परिवार के लोग काफी परेशान नजर आए। कुछ अभिभावकों का कहना है कि इतनी भीषण गर्मी में खुले मैदान में लंबे समय तक ट्रेनिंग करवाना जोखिम भरा हो सकता है। वहीं कई लोगों ने कैंप में मेडिकल सुविधाओं को और मजबूत करने की मांग भी उठाई है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
Follow Us :GoogleNews