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रेसिडेंशियल क्षेत्रों में चल रहे गोदाम और कमर्शियल काम्प्लेक्स, फायर सेप्टी नियमों का नहीं हो रहा पालन, हाईकोर्ट ने जारी किये नोटिस

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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सोमवार को सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, नगरीय प्रशासन विभाग,कलेक्टर जबलपुर और नगर निगम कमिश्नर को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
रेसिडेंशियल क्षेत्रों में चल रहे गोदाम और कमर्शियल काम्प्लेक्स, फायर सेप्टी नियमों का नहीं हो रहा पालन, हाईकोर्ट ने जारी किये नोटिस

Jabalpur High Court1

मध्य प्रदेश में कई जगह रहवासी एरिया में गोदाम, व्यावसायिक भवनों में फायर सेप्टी नियमों का पालन नहीं हो रहा ये  प्रमाण पत्र के बगैर चल रहे है जिसे लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। मामले पर सोमवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार, नगरीय प्रशासन विभाग,कलेक्टर जबलपुर और नगर निगम कमिश्नरको  नोटिस जारी जवाब तलब किया है।

डॉ पी.जी नाजपांडे अध्यक्ष नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दायर याचिका में कोर्ट को बताया गया कि शहर में रहवासी एरिया में गोदाम व्यावसायिक भवनों, दुकानें फैक्ट्री चल रही है, जिसमें फायर सेप्टी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, इतना ही नहीं फायर एनओसी के बगैर चल रहे है, सुरक्षा मानकों का पालन भी नहीं किया जा रहा है। इस भीषण गर्मी में अग्नि दुर्घटनाओं का खुला निमंत्रण है।

नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन मौन 

अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने कहा कि इसी प्रकार की लापरवाही से बरगी जैसी घटना हुई थी, जिससे जिला प्रशासन ने सीख नहीं ली। उन्होंने बताया कि नगर निगम सीमा के अंदर बहुत सारे गोदाम है, जिसमें कि फायर सेफ्टी का पालन नहीं किया जा रहा है, नियमानुसार कोई भी गोदाम शहर के अंदर नहीं होना चाहिए, जिसको लेकर याचिकाकर्ता की और से लगातार मांग की जा रही थी कि बाहर किया जाए, पर इस और ध्यान नहीं दिया गया।

नगर निगम पर लापरवाही के आरोप 

जबलपुर शहर के सभी समाचार पत्रों में लगातार यह प्रकाशित की जा रही है कि जबलपुर नगर निगम एवं प्रशासन फायर सेप्टी नियमों का उल्लंघन करते हुए चल रहे प्रतिष्ठानों भवनों में चल रहे है, कोई नोटिस नहीं दिए जा रहे है, हटाया नहीं जा रही है, और नए निर्माण किए जा रहे है। जबलपुर में पूर्व में एक हॉस्पिटल्स में बड़ी जन हानि हो चुकी है, पर प्रशासन नगर निगम अधिनियम भूमि विकास नियमों के विपरीत फायर सेप्टी के मेजर का उल्लंघन कर रही है।

चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई 

सोमवार को जस्टिस एम एस भट्टी एंड बी पी शर्मा की वेकेशन बेंच ने सुनवाई करे हुए जवाब देने के लिए राज्य सरकार सहित अन्य को चार सप्ताह का समय दिया है। मामले पर अब चार सप्ताह बाद सुनवाई होगी।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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