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हमारे स्कूल में काम करना है, तो ईसाई धर्म अपनाना होगा..बोलकर महिला सफाई कर्मियों को नौकरी से निकाला, पुलिस में शिकायत

Reported by:Sandeep Kumar|Edited by:Atul Saxena
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दीपा ने फादर सोमी जैकब से शिकायत की तो उल्टा दीपा के खिलाफ ही कार्रवाई करते हुए दवाब बनाया गया कि स्कूल में रहना है तो धर्म परिवर्तन करना ही होगा, उसने इंकार किया तो नौकरी से निकाल दिया।
हमारे स्कूल में काम करना है, तो ईसाई धर्म अपनाना होगा..बोलकर महिला सफाई कर्मियों को नौकरी से निकाला, पुलिस में शिकायत

Jabalpur Conversion Complaint

जबरिया धर्मान्तरण अपराध है और ये चोरी छिपे मध्य प्रदेश में हो रहा है जिसकी शिकायत मिलने पर एक्शन भी लिया जाता है कुछ ऐसा ही मामला जबलपुर में आया है जिसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची है, पुलिस ने पीड़ितों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

अगर हमारे स्कूल में काम करना है, तो ईसाई धर्म अपनाना होगा,नहीं तो बाहर निकल जाओ…यह कहते हुए सेंट एलायसिस स्कूल रिमझा के फादर ने 3 से 4 महिला सफाई कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने परिवार का हवाला देते हुए मिन्नत की, पर फादर नहीं माने… ये दास्तान है जबलपुर शहर के बीच स्थित एक मिशनरीज स्कूल की जो कर्मचारियों पर दबाव बनाकर उनका धर्म बदलने की कोशिशों में लगा है

महिला सफाई कर्मचारियों ने अपना धर्म बदलकर ईसाई धर्म अपनाने से इंकार कर दिया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया,  परेशान होकर सफाई कर्मचारियों ने पुलिस से शिकायत की, इसके बाद भी जब कार्रवाई नहीं हुई तो एएसपी से मुलाकात की गई, जिन्होंने उचित जांच का भरोसा दिया है। अब हिंदू धर्मसेना के कार्यकर्ता भी महिला सफाई कर्मचारियों के साथ खड़े हो गए है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर दोषी फादर पर कार्रवाई नहीं होगी, तो फिर स्कूल के बाह प्रदर्शन किया जाएगा।

फादर का आदेश…चर्च आना होगा…वर्ना

धर्मसेना के कार्यकर्ताओं का कहना है कि नौकरी के नाम पर सीधे-सीधे धर्मातंरण किया जा रहा है, बात नहीं मानने वाले को अपमानित कर काम से निकाला जा रहा है। शारदा बिहार, मदर टेरेसा में रहने वाली दीपा पटेल ने अपनी शिकायत में बताया कि वह सेंट एलायसिस स्कूल रिमझा में 2024 से काम कर रही है। तीन साल तक सब कुछ ठीक चला। फादर वाल्टर जिनका ट्रांसफर हो गया है, उन्होंने जॉब में रखा था। हाल ही में फादर सोमी जैकब ने पदभार संभाला है। दो दिन पहले फादर ने हमें बुलाया और कहा कि आप लोगों को चर्च आना होगा, डरकर कुछ ने तो हामी भर दी, पर दीपा पटेल ने मना कर दिया।

ईसाई धर्म अपनाने से इंकार किया तो नौकरी से निकाल दिया 

गुरुवार को दीपा स्कूल में काम कर रही थी उसी समय घर से काल आया तो वह बात करने लगी, इस पर साथ में काम कर रही पहलवती जो कि क्रिशच्यन है, उसने डांटना शुरू कर दिया। दीपा ने फादर सोमी जैकब से शिकायत की तो उल्टा दीपा के खिलाफ ही कार्रवाई करते हुए दवाब बनाया गया कि स्कूल में रहना है तो धर्म परिवर्तन करना ही होगा, उसने इंकार किया तो नौकरी से निकाल दिया।

हिंदू धर्म सेना ने स्कूल पर कार्रवाई की मांग की 

हिंदू धर्म सेना के प्रदेश अध्यक्ष नीरज राजपूत ने बताया कि स्कूल के फादर से सिर्फ दीपा ही नहीं बल्कि कई महिलाएं परेशान है, जिन्हें कि काम से सिर्फ इसलिए निकाल दिया कि उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने से मना कर दिया। उन्होंने मांग की है कि धर्मातंरण को रोका जाए, क्योंकि शहर के अधिकतर स्कूलों में यह खेल चल रहा है। महिला और हिंदू धर्म सेना के कार्यकर्ताओं की शिकायत को एएसपी ने गंभीरता से लिया है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि लिखित में शिकायत मिली है, सेंट एलायसिस स्कूल रिमझा में धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है, जो नहीं मानते है,तो उन्हें काम से निकाल दिया गया है। एएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी माढ़ोताल को जांच सौंपी गई है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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