
हरियाणा के भिवानी जिले में 19 वर्षीय महिला स्कूल शिक्षिका मनीषा की निर्मम हत्या ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। 13 अगस्त को उसका शव गांव सिंघानी के खेतों से बरामद हुआ, जिसमें उसका गला कटा हुआ पाया गया। मामले ने तूल तब पकड़ा जब परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर गुस्सा पैदा किया बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मुख्यमंत्री का कड़ा कदम
घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सख्त कदम उठाए। उन्होंने भिवानी के पुलिस अधीक्षक (SP) का तबादला कर दिया और पुलिस विभाग को कड़ी चेतावनी दी कि इस तरह की लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि कानून-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी नागरिक की सुरक्षा से खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। इसी आदेश के तहत 2014 बैच के IPS अधिकारी सुमित कुमार को नया भिवानी SP नियुक्त किया गया।
SHO और ASI समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोहारू थाने के स्टेशन हाउस ऑफिसर अशोक कुमार और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर शकुंतला समेत कुल 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। मुख्यमंत्री सैनी ने पुलिस महकमे को सख्त संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर जांच या कार्रवाई में ढिलाई बरती गई तो जिम्मेदार अधिकारी को तत्काल दंडित किया जाएगा।
11 अगस्त से लापता थी मनीषा
जांच के अनुसार, मनीषा 11 अगस्त को अपने स्कूल से छुट्टी के बाद नर्सिंग कॉलेज में दाखिले की जानकारी लेने गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन कार्रवाई धीमी रही। दो दिन बाद, 13 अगस्त को उसका शव खेतों में मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मनीषा की गला रेतकर हत्या की गई थी। पुलिस को आशंका है कि घटना से पहले उसका अपहरण किया गया। मामले में जांच तेजी से चल रही है और पुलिस ने कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और हर शिकायत को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि “हरियाणा की जनता को सुरक्षित वातावरण देना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी।”
भिवानी की यह घटना न केवल प्रशासनिक ढिलाई की पोल खोलती है बल्कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल उठाती है। मुख्यमंत्री द्वारा SP का तबादला और पुलिसकर्मियों का निलंबन इस बात का संकेत है कि सरकार मामले को लेकर बेहद सख्त है।
अब देखना होगा कि नई पुलिस टीम किस तरह से जांच को अंजाम तक पहुंचाती है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में कितनी तेजी दिखाती है।
