हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र में लेडी टीचर मनीषा की हत्या ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। बीते 13 अगस्त की सुबह सिंघानी गांव के नजदीक खेतों में एक किसान ने युवती का शव पड़ा देखा। लाश नहर के किनारे झाड़ियों में थी और उसकी गर्दन कटी हुई थी। पुलिस ने शव की पहचान मनीषा के रूप में की। मनीषा, गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय की सबसे बड़ी बेटी थी और प्ले स्कूल में पढ़ाती थी। घटनास्थल गांव से करीब 8 किलोमीटर दूर था। परिजन और ग्रामीणों के अनुसार, मनीषा को 11 अगस्त को आखिरी बार खरकड़ी रोड की तरफ जाते हुए देखा गया था। यह वही रास्ता है, जिस पर उसका स्कूल और नर्सिंग कॉलेज पड़ता है। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान उसे अगवा कर हत्या की गई और शव को खेतों में फेंक दिया गया।
परिजन का गुस्सा
हत्या की खबर के बाद परिजन आक्रोशित हो उठे। मनीषा के मामा कुलदीप, पिता संजय और बड़ी संख्या में ग्रामीण भिवानी के सिविल अस्पताल पहुंचे और हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। परिजनों ने साफ कहा कि अगर आरोपियों को जल्द नहीं पकड़ा गया तो वे सड़क जाम कर बड़ा आंदोलन करेंगे। स्थिति को देखते हुए लोहारू और सिटी थाना पुलिस मौके पर तैनात की गई। SHO सत्यनारायण ने परिजनों से बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश की। हालांकि गुस्साए परिजन बार-बार यही मांग कर रहे थे कि हत्यारों को जल्द सामने लाया जाए।
सांसद और SP मौके पर पहुंचे
भिवानी-महेंद्रगढ़ से बीजेपी सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह भी पीड़ित परिवार से मिलने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की गहन जांच होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इसी बीच भिवानी के SP मनबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतका के पिता संजय से अलग से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी गंभीरता से जांच कर रही है। SP ने परिजनों से धैर्य रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों तक पुलिस पहुंच जाएगी।
हत्या से पहले अपहरण की आशंका
पुलिस जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं, उनसे संकेत मिलता है कि मनीषा को पहले अगवा किया गया और फिर उसकी हत्या कर शव को नहर के पास फेंक दिया गया। मनीषा ने 11 अगस्त की दोपहर करीब 1 से 1:30 बजे अपने पिता को फोन किया था। उसने कहा था कि वह देर से घर आएगी क्योंकि उसे नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन से जुड़ा काम है। शाम तक जब वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। पुलिस को अब तक उसका मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। इससे साफ है कि अपहरण के बाद उसकी गतिविधियों को दबाने के लिए मोबाइल गायब कर दिया गया।
CCTV फुटेज खंगाले जा रहे
भिवानी पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए 6 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। हालांकि अभी तक कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सुरागों के आधार पर की जा रही है। आशंका है कि आरोपी मनीषा को स्कूल और नर्सिंग कॉलेज के बीच वाले रास्ते से उठाकर ले गए होंगे, क्योंकि यह रास्ता अपेक्षाकृत सुनसान और छोटा है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। उनका कहना है कि अगर महिलाओं और लड़कियों को दिनदहाड़े सुरक्षित नहीं रखा जा सकता तो समाज में भय व्याप्त होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों की पुनरावृत्ति न हो।
लेडी टीचर मनीषा की निर्मम हत्या ने भिवानी ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा को दहला दिया है। परिजन और ग्रामीण इंसाफ की मांग को लेकर अड़े हैं, वहीं पुलिस पर आरोपियों तक पहुंचने का दबाव है। भले ही सांसद और पुलिस अधिकारियों ने न्याय का भरोसा दिलाया हो, लेकिन जब तक हत्यारे पकड़े नहीं जाते, तब तक पीड़ित परिवार और समाज का गुस्सा शांत होना मुश्किल है। यह मामला केवल एक परिवार के दर्द से जुड़ा नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि पुलिस कितनी तेजी से इस हत्या की गुत्थी सुलझाकर अपराधियों को सजा दिलाती है।





