निर्दलीय मेयर के ऑफिस का उद्घाटन कर राव इंद्रजीत ने दिए राजनीतिक गठजोड़ के संकेत

निर्दलीय मेयर के ऑफिस का उद्घाटन कर राव इंद्रजीत ने दिए राजनीतिक गठजोड़ के संकेत

गुरुग्राम के मानेसर में एक सियासी हलचल देखने को मिली जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने निर्दलीय मेयर इंद्रजीत यादव के कार्यालय का उद्घाटन किया। नगर निकाय चुनावों में मानेसर इकलौती जगह थी जहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, ऐसे में पार्टी के बड़े नेता की उपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को जन्म दे दिया है। साथ ही इस मौके पर 33 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया।

राव इंद्रजीत ने किया ऑफिस उद्घाटन, बोले – मिलकर करें विकास कार्य

राव इंद्रजीत सिंह ने मानेसर नगर निगम के निर्दलीय मेयर इंद्रजीत यादव के कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि मानेसर के विकास के लिए सभी नेताओं, अधिकारियों और पार्षदों को एक साथ मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने आगे कहा, “मैं पार्टी से सिफारिश करूंगा कि मेयर और पार्षदों को भाजपा में शामिल किया जाए ताकि विकास के कामों को मजबूती मिले।” राव इंद्रजीत की इस पहल को भाजपा की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें वे नगर निगम में फिर से पकड़ मजबूत करना चाहते हैं।

मेयर बोले – गुटबाजी से रुकेंगे विकास कार्य, सभी को मिलकर चलना होगा

कार्यक्रम में मेयर इंद्रजीत यादव ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी पार्षदों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन कुछ पार्षद अनुपस्थित रहे। उन्होंने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि अगर गुटबाजी जारी रही तो विकास कार्यों में बाधा आएगी। मेयर ने अपील की कि नगर निगम के हित में सभी को व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर जनता के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।

33 करोड़ से ज्यादा की परियोजनाओं की सौगात

राव इंद्रजीत सिंह ने इस अवसर पर मानेसर नगर निगम क्षेत्र से जुड़ी करीब 33.44 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
इनमें सड़क निर्माण, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और पेयजल जैसी कई बुनियादी सुविधाओं के काम शामिल हैं। उन्होंने कहा, “इन योजनाओं के पूरा होने से मानेसर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी और लोगों को सुविधाएं मिलेंगी।”

राजनीतिक हलचल तेज, भाजपा के इशारों पर नजर

मानेसर नगर निगम चुनाव में भाजपा की हार के बाद यह पहला बड़ा मौका है जब पार्टी का कोई बड़ा चेहरा निर्दलीय मेयर के साथ सार्वजनिक रूप से मंच साझा करता दिखा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राव इंद्रजीत का यह कदम भविष्य की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें भाजपा स्थानीय निकायों में फिर से अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी। साथ ही, यदि निर्दलीय मेयर और पार्षद भाजपा में शामिल होते हैं, तो यह 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा सियासी बदलाव भी साबित हो सकता है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews