पिहोवा सरस्वती तीर्थ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। समापन समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश को करोड़ों की विकास परियोजनाओं की सौगात दी और सरस्वती नदी को लेकर एक बड़ी घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती को पुष्प अर्पित कर की। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। गौरतलब है कि यह महोत्सव 19 जनवरी से चल रहा था, जिसका आयोजन सरस्वती विकास बोर्ड द्वारा किया गया।
64 करोड़ की 26 परियोजनाओं का शिलान्यास
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरस्वती तीर्थ के पुनरुद्धार और विकास के लिए 63 करोड़ 86 लाख रुपये की 26 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है।
“यह सरस्वती महोत्सव हमारी प्राचीन सभ्यता और संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। यह सामूहिक आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सरस्वती केवल नदी नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक सूत्र भी है।” — नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
सीएम ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सरस्वती महोत्सव का समापन समारोह आयोजित किया गया है, जो इस नदी के प्रति लोगों की गहरी आस्था को दर्शाता है।
NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल होगी सरस्वती
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के प्रयासों से सरस्वती नदी के गौरवशाली इतिहास को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने बताया कि सरस्वती नदी से जुड़ा अध्याय अब NCERT के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी इसके महत्व को जान सके।
उन्होंने बताया कि सरकार सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मिशन के लिए 75 प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। नदी के निरंतर प्रवाह के लिए हिमाचल सरकार के साथ एक ऐतिहासिक समझौता भी किया गया है।
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड कर रहा काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2015 में हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की स्थापना की गई थी, जिसका उद्देश्य गहन शोध के माध्यम से सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करना है। पिछले 10 वर्षों में नदी के प्रवाह मार्ग पर 18 नए पुलों का निर्माण किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य सरस्वती से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों को विकसित करना है। उन्होंने सरस्वती हेरिटेज प्रोजेक्ट को अतीत, वर्तमान और भविष्य के लिए एक स्थायी विकास का मिशन बताया।
सीएम सैनी ने यह भी याद दिलाया कि आज का दिन कुरुक्षेत्र के लिए भी ऐतिहासिक है, क्योंकि इसी दिन यह जिला करनाल से अलग होकर अस्तित्व में आया था। साथ ही, देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मना रहा है।





