हरियाणा में कर्मचारियों को अब 10 घंटे करना होगा काम, विधानसभा में पारित बिल के बाद कर्मचारियों में मचा हड़कंप!

हरियाणा विधानसभा में हरियाणा दुकान और वाणिज्य प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2025 को पारित कर दिया गया है। इसके पारित होने के साथ ही अब काम के समय में बदलाव हो गया है और दैनिक काम का समय 10 घंटे कर दिया गया है।
हरियाणा में कर्मचारियों अब 10 घंटे होगा काम

हरियाणा सरकार ने हाल ही में दुकान और वाणिज्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए दैनिक कार्य समय में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल अब काम का समय 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि साप्ताहिक कार्य की सीमा फिलहाल 48 घंटे ही रहेगी। इस फैसले के बाद देश में कर्मचारियों के काम के घंटों को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। दरअसल हरियाणा सरकार की ओर से विधानसभा में हरियाणा दुकान और वाणिज्य के प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक 2025 को पारित कर दिया गया है, जिससे यह बदलाव हुआ है।

इस नए कानून से राज्य की ज्यादातर दुकानों और छोटे व मध्यम प्रतिष्ठानों में काम के घंटे और ओवरटाइम की सीमा में बदलाव हो गया है। चलिए जानते हैं कि अब कितने घंटे काम करना होगा और देश के किन राज्यों में इस तरह का कानून लागू है।

अब कितने घंटे करना होगा काम?

सबसे पहले काम के घंटों पर नजर डालें तो बता दें कि दैनिक काम के घंटे अब 9 से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिए गए हैं। हालांकि सप्ताह में कुल 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं करना होगा। वहीं तिमाही में ओवरटाइम की अधिकतम सीमा को भी बढ़ाया गया है। पहले यह सीमा 50 घंटे थी, जिसे अब बढ़ाकर 156 घंटे कर दिया गया है। बिना रेस्ट के लगातार काम करने की सीमा को भी बढ़ा दिया गया है। पहले यह सीमा 5 घंटे थी, अब इसे बढ़ाकर 6 घंटे कर दिया गया है। इसके अलावा रजिस्ट्रेशन की बाध्यता को लेकर भी नियम बदला गया है। अब केवल 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को ही रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों को सिर्फ सूचना देनी होगी, रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी।

इन राज्यों में पहले से है यह नियम

हालांकि ऐसा करने वाला हरियाणा पहला राज्य नहीं है। बता दें कि तेलंगाना, महाराष्ट्र, पंजाब और आंध्र प्रदेश में भी ऐसे नियम लागू किए जा चुके हैं। तेलंगाना में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में 10 घंटे तक काम करने की अनुमति पहले से मौजूद है। इन नियमों के तहत कर्मचारियों को ओवरटाइम भुगतान और साप्ताहिक अवकाश देना भी अनिवार्य है। वहीं महाराष्ट्र में श्रम कानून में संशोधन किया गया था, जिसमें 10 घंटे की शिफ्ट की अनुमति दी गई थी। हालांकि इसमें भी साप्ताहिक कार्य समय 48 घंटे ही रखा गया है। पंजाब में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए दैनिक कार्य समय सीमा 10 घंटे तय की गई है।

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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