Haryana: अमेरिका के टैरिफ से रोहतक की इंडस्ट्री पर मंडराया खतरा

Haryana: अमेरिका के टैरिफ से रोहतक की इंडस्ट्री पर मंडराया खतरा

हरियाणा के रोहतक की इंडस्ट्री पर अमेरिका द्वारा भारत से आयातित उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का बड़ा असर पड़ सकता है। चंद्रयान और एयर डिफेंस सिस्टम में उपयोग होने वाले नट-बोल्ट बनाने वाली प्रमुख कंपनी LPS बोशार्ड के एमडी राजेश जैन ने चेतावनी दी है कि इस फैसले से अकेले रोहतक की नट-बोल्ट इंडस्ट्री पर 1000 करोड़ रुपये का सीधा प्रभाव पड़ेगा।

राजेश जैन ने कहा कि अमेरिका के इस टैरिफ निर्णय ने पूरे क्षेत्र के इंडस्ट्रियल्स को चिंता में डाल दिया है। उनका कहना है कि यह टैरिफ लागू होने के बाद भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे, जिससे अमेरिकी ग्राहक उनसे दूरी बना सकते हैं।

निर्यात पर बुरा असर, टूट सकते हैं ग्राहक

राजेश जैन ने बताया कि उनकी कंपनी अकेले अमेरिका के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए 200 करोड़ रुपये का नट-बोल्ट निर्यात करती है। लेकिन अगर टैरिफ बढ़ा, तो इनकी कीमतें काफी अधिक हो जाएंगी, जिससे ग्राहक अन्य देशों की ओर रुख कर सकते हैं।

उनका कहना है कि इंडस्ट्री को यह डर सता रहा है कि अगले 6 महीनों में लगभग सभी अमेरिकी ग्राहक टूट सकते हैं। इससे रोजगार, निवेश और उत्पादन पर सीधा असर होगा। “हम चंद्रयान और रक्षा प्रणाली के लिए नट बनाते हैं, लेकिन अगर टैरिफ ऐसे ही रहा, तो हम खुद ही रक्षा नहीं कर पाएंगे,” – जैन ने तंज कसते हुए कहा।

मोदी से ट्रंप से बात करने की अपील

राजेश जैन और अन्य उद्योगपतियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बात करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मोदी और ट्रंप को दोस्त बताया जाता रहा है, ऐसे में अगर दोस्ती को आर्थिक सहयोग में बदलना है तो यह सही वक्त है।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यापारिक ‘ईगो’ को एक तरफ रखकर देश के इंडस्ट्री सेक्टर और लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी बचाने के लिए संवाद जरूरी है। जैन ने कहा कि अमेरिका में इंडस्ट्री लगाने का विकल्प भी महंगा और घाटे वाला है, इसलिए भारत से ही समाधान निकालना होगा।

अगर अब नहीं चेते, तो बंद हो सकती हैं फैक्ट्रियां

राजेश जैन ने आगाह किया कि शुरू में यह असर व्यापारियों को महसूस नहीं होगा, लेकिन 4-5 महीनों के भीतर इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाया तो पूरी इंडस्ट्री ठप हो सकती है।

अभी रोहतक की नट-बोल्ट इंडस्ट्री अमेरिका को सालाना 1000 करोड़ रुपये का निर्यात करती है। लेकिन टैरिफ की मार से यह कारोबार धीरे-धीरे खत्म हो सकता है। इसके साथ ही हजारों मजदूरों की नौकरी और परिवार का भविष्य भी संकट में आ सकता है।

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