पानीपत में आज सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई क्षेत्र की समस्याओं और संभावनाओं पर चर्चा के लिए अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत-क्षेत्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दोपहर 12 बजे आर्य पीजी कॉलेज के सभागार में शुरू होगा। इसमें उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञ, अधिकारी और उद्यमी शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत बनाना और उसके सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान तलाशना है। बातचीत में उद्योग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा।
एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
अमर उजाला ने एमएसएमई फॉर भारत की पहल शुरू की है, जिसका मकसद एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इसके जरिए उद्यमियों को प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए तैयार किया जाएगा। पहले चरण में भारत के 26 शहरों में क्षेत्रीय कॉन्क्लेव आयोजित किए जाएंगे। पानीपत के अलावा रोहतक, बहादुरगढ़ और पंचकूला में भी मंथन कार्यक्रम होंगे। ये कार्यक्रम छोटे और मध्यम उद्यमों को तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक मदद देने के लिए आयोजित किए जा रहे हैं ताकि वे देश की अर्थव्यवस्था में मजबूत भूमिका निभा सकें।
मंत्री अनिल विज करेंगे उद्घाटन
कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में ऊर्जा, श्रम और परिवहन मंत्री अनिल विज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. पंकज विशिष्ट अतिथि होंगे। दोनों ही एमएसएमई क्षेत्र को लेकर चल रही योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे। कार्यक्रम में उद्योग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी सुझाव दिए जाएंगे। मंत्री अनिल विज एमएसएमई को विकसित करने में सरकारी योजनाओं की भूमिका और उनके लाभों के बारे में बताएंगे, ताकि छोटे उद्यमी भी आर्थिक विकास में भागीदार बन सकें।
उद्योगों के विकास के लिए बनेगा मंच
इस आयोजन से पानीपत समेत पूरे क्षेत्र के उद्यमियों को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं से लेकर निवेश, तकनीक, उत्पादकता और बाजार विस्तार तक हर पहलू पर चर्चा होगी। एमएसएमई क्षेत्र की मुश्किलों को समझकर उनका समाधान निकाला जाएगा। उद्यमियों को नेटवर्क बनाने का मौका मिलेगा, जिससे वे एक-दूसरे के अनुभव साझा कर सकें। अमर उजाला की यह पहल छोटे उद्योगों को सशक्त बनाने के साथ-साथ रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा करेगी। इससे पानीपत के उद्यमी आर्थिक विकास में अहम योगदान देंगे।





