हरियाणा के नारनौल स्थित जौरासी धाम में शनिवार से जगद्गुरु रामभद्राचार्य की रामकथा और 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस कार्यक्रम की तैयारियां और मेहमानों की सूची राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। करीब 30 एकड़ में वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है, जिसमें 35 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। सुरक्षा के लिए 15 किलोमीटर के दायरे में पुलिस बल तैनात है।
इस भव्य आयोजन के मुख्य आयोजक खनन कारोबारी विनीत पिलानिया हैं, जो आर्यवर्त सेवा न्यास चित्रकूट के संस्थापक हैं। पिलानिया का नाम पिछले साल दिसंबर में तब सुर्खियों में आया था, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू से जुड़े मामले में उनके ठिकानों पर छापेमारी की थी।
आयोजन की भव्यता और कड़े इंतजाम
लगभग तीन महीने से चल रही तैयारियों के बाद इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए पास जारी किए गए हैं, जो केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने वालों को ही मिलेंगे। सात दिनों के लिए सात अलग-अलग रंगों के पास बनाए गए हैं।
विशाल पंडाल और सजावट: करीब 30 एकड़ में फैले कथास्थल और हवन स्थल को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया गया है, ताकि सर्दी और बारिश से बचाव हो सके। पंडाल की लाइटिंग के लिए जयपुर और अलवर से विशेष लाइटें मंगाई गई हैं। परिसर के बाहर भी बड़ी स्क्रीन लगाई गई हैं।
सुरक्षा और निगरानी: सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है। आयोजन स्थल और आसपास के रास्तों पर 50 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है। पुलिस सुरक्षा के अलावा, आयोजकों ने बड़ी संख्या में निजी सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए हैं।
VIP काफिला और ट्रैफिक डायवर्जन: कथावाचक रामभद्राचार्य के आने-जाने के लिए डिफेंडर और रेंज रोवर जैसी लग्जरी गाड़ियों का काफिला रहेगा। आयोजन के चलते 30 जनवरी तक नारनौल-निजामपुर रोड पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और रूट डायवर्ट किया गया है।
भागवत, योगी समेत VVIP मेहमानों की लिस्ट
आयोजकों द्वारा जारी मेहमानों की सूची काफी लंबी है, जिसमें देश की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन सा मेहमान किस दिन शामिल होगा।
आमंत्रित मेहमानों में RSS प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, और केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर, नितिन गडकरी व शिवराज सिंह चौहान के नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश के राज्यपालों को भी निमंत्रण भेजा गया है। विपक्ष से भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राव नरेंद्र सिंह के भी आने की संभावना जताई गई है।
कौन हैं जगद्गुरु रामभद्राचार्य?
जगद्गुरु रामभद्राचार्य रामानंद संप्रदाय के एक प्रमुख संत, संस्कृत के प्रकांड विद्वान और हिंदू धर्मगुरु हैं। वे जन्म से दृष्टिबाधित हैं, लेकिन अपनी असाधारण विद्वता और स्मृति के लिए जाने जाते हैं। चित्रकूट में जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय का संचालन भी करते हैं। भारत सरकार ने उन्हें 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया था। रामभद्राचार्य अक्सर ज्वलंत मुद्दों पर अपनी कठोर और बेबाक टिप्पणियों के लिए भी चर्चा में रहते हैं।





