फरीदाबाद: हरियाणा के प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले का आगाज 31 जनवरी से होने जा रहा है। 16 दिनों तक चलने वाले इस मेले के लिए फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस ने यातायात को सुगम बनाने के लिए कमर कस ली है। मेले के दौरान भीड़ और वाहनों के दबाव को देखते हुए 31 जनवरी से 15 फरवरी तक कई मार्गों पर भारी और कमर्शियल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
फरीदाबाद के DCP (ट्रैफिक) मकसूद अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रतिबंध प्रतिदिन सुबह 7 बजे से लेकर रात 11:59 बजे तक लागू रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य मेले में आने वाले दर्शकों और स्थानीय नागरिकों को जाम से बचाना और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखना है। गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने भी इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
इन मार्गों पर रहेगी वाहनों की ‘नो-एंट्री’
पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुसार, सूरजकुंड मेले की ओर जाने वाले चार प्रमुख रास्तों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
मुख्य प्रतिबंधित मार्ग:
- पाली से शूटिंग रेंज की ओर जाने वाला रास्ता
- अंखी से सूरजकुंड की तरफ का मार्ग
- NHPC चौक से सूरजकुंड की ओर
- प्रहलादपुर (दिल्ली सीमा) से सूरजकुंड की ओर
वैकल्पिक मार्गों का करें इस्तेमाल
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों की सुविधा के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी सुझाव दिया है। गुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए दिल्ली जाने वाले भारी वाहन चालक इन रास्तों का उपयोग कर सकते हैं:
1. सैनिक कॉलोनी से अंखी चौक होते हुए बड़खल रोड के रास्ते दिल्ली की ओर।
2. सैनिक कॉलोनी से प्याली चौक, फिर बाटा चौक और मथुरा रोड होते हुए दिल्ली की ओर।
इसके अतिरिक्त, प्रहलादपुर और शूटिंग रेंज से सूरजकुंड आने वाले ड्राइवरों को राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) का उपयोग करते हुए बदरपुर बॉर्डर के रास्ते फरीदाबाद में प्रवेश करने की सलाह दी गई है।
पार्किंग और सोशल मीडिया अपडेट
मेले में आने वाले लोगों के वाहनों के लिए 10 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है ताकि सड़कों पर जाम न लगे। DCP मकसूद अहमद ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात से जुड़े ताजा अपडेट के लिए फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल जैसे Facebook, Instagram और Twitter को फॉलो करें। गुरुग्राम पुलिस ने भी अपने क्षेत्र में सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है और KMP एक्सप्रेसवे जैसे वैकल्पिक मार्गों के इस्तेमाल की सलाह दी है।





