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अयोध्या के परमहंस आचार्य का बड़ा दावा, बोले- ‘PM मोदी पर ट्रंप ने किया था तंत्र-मंत्र, वैदिक पाठ से असर खत्म किया’

Written by:Banshika Sharma
Published:
अयोध्या के परमहंस आचार्य ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने PM नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र का प्रयोग किया था। उन्होंने कहा कि इस प्रभाव को खत्म करने के लिए वैदिक अनुष्ठान कराया गया है, जिससे एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
अयोध्या के परमहंस आचार्य का बड़ा दावा, बोले- ‘PM मोदी पर ट्रंप ने किया था तंत्र-मंत्र, वैदिक पाठ से असर खत्म किया’

अयोध्या/लखनऊ। देश में UGC से जुड़े विवाद के बीच अयोध्या के परमहंस आचार्य के एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंत्र-मंत्र के जरिए प्रभाव डाला था, जिसे उन्होंने वैदिक अनुष्ठान के जरिए खत्म कर दिया है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब UGC नियमों को लेकर देश में पहले से ही बहस चल रही है। इस अजीबोगरीब दावे ने पूरे मामले को एक नया मोड़ दे दिया है।

ध्यान में मिली जानकारी का दावा

परमहंस आचार्य ने कैमरे पर कहा कि उन्हें इस बात की अनुभूति ध्यान के दौरान हुई। उन्होंने बताया कि इस कथित नकारात्मक प्रभाव को समाप्त करने के लिए अयोध्या में विशेष वैदिक पाठ कराया गया है ताकि प्रधानमंत्री किसी भी तरह के बाहरी प्रभाव से मुक्त रहें।

“ध्यान के माध्यम से मुझे यह जानकारी मिली। अब यह सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से वैदिक पाठ किया जाएगा कि किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न रहे।” — परमहंस आचार्य

इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील भी की कि देश में ऐसा कोई कानून न बनाया जाए, जिससे विकास की गति प्रभावित हो या समाज में आपसी टकराव की स्थिति बने।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

परमहंस आचार्य का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इस दावे की सत्यता पर सवाल उठाए, तो कुछ ने इसे हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देखा।

यह भी कहा जा रहा है कि यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट पर आधारित हो सकता है, जिसमें कथित तौर पर एक वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री के हवाले से ऐसे दावे किए गए थे। हालांकि, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक गलियारों में चुप्पी

UGC नियमों पर जारी विरोध और बहस के बीच इस बयान ने विवाद को एक नया एंगल दे दिया है। हालांकि, इस संवेदनशील दावे पर अभी तक किसी भी बड़े राजनीतिक दल की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन इस बयान के बाद सार्वजनिक चर्चा तेज हो गई है और लोग इस पर अलग-अलग तरह से अपनी राय रख रहे हैं।