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27% OBC आरक्षण : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद उमंग सिंघार ने MP सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, कहा “बीजेपी अपना मत स्पष्ट करे”

Written by:Shruty Kushwaha
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Last Updated:
सुप्रीम कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के दिन राज्य सरकार का कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ, जिसपर कोर्ट ने नाराजगी जताई और ओबीसी पक्ष के अनुरोध पर अगली सुनवाई 4 फरवरी तय की है। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि ये ओबीसी वर्ग के साथ राजनीतिक धोखा है।
27% OBC आरक्षण : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद उमंग सिंघार ने MP सरकार की नीयत पर उठाए सवाल, कहा “बीजेपी अपना मत स्पष्ट करे”

Umang Singhar

मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामले की सुनवाई बार-बार टलने पर सियासत तेज हो गई है। उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सुनवाई का लगातार टलना अब महज़ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि सरकार की नीयत पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

बता दें कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई निर्धारित थी लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई भी वकील पेश नहीं हुआ। कोर्ट ने सरकार की इस अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई और कहा कि जब सरकारी वकील ही मौजूद नहीं होंगे तो सुनवाई कैसे हो सकती है।

ओबीसी आरक्षण को लेकर उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा 

ओबीसी आरक्षण को लेकर उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण की सुनवाई का बार-बार टलना अब सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं रह गया है, बल्कि यह भाजपा सरकार की मंशा पर सीधा सवाल खड़ा करता है। मध्यप्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े मामलों की गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं था जिससे कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद ओबीसी पक्ष के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी मामलों की अगली सुनवाई की तारीख 4 फरवरी निर्धारित की है।

बीजेपी पर लगाया राजनीतिक धोखा देने का आरोप

इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में सरकारी वकीलों द्वारा बार-बार समय मांगना यह संकेत देता है कि सरकार ओबीसी वर्ग के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रवैया ओबीसी समाज के साथ राजनीतिक धोखे के समान है। जिस ओबीसी वर्ग ने भाजपा को बार-बार सत्ता सौंपी और कई मुख्यमंत्रियों को चुना उसी समाज से आज विश्वासघात किया जा रहा है। उमंग सिंघार ने कहा कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण कोई कृपा नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार और सामाजिक न्याय का विषय है। उन्होंने सवाल किया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बावजूद सरकार का यह रवैया क्यों बना हुआ है। इसी के साथ कांग्रेस नेता ने मांग की है कि बीजेपी सरकार ओबीसी आरक्षण पर अपना मत जनता के सामने स्पष्ट करे।