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ग्वालियर: कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर सरकारी जमीन निजी करने का आदेश, नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य सस्पेंड

Written by:Ankita Chourdia
Published:
ग्वालियर संभाग में राजस्व विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। डबरा में पदस्थ रहे नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य को संभागायुक्त ने निलंबित कर दिया है। उन पर कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर शासकीय भूमि को निजी नाम पर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने का गंभीर आरोप है।
ग्वालियर: कोर्ट के आदेश की अनदेखी कर सरकारी जमीन निजी करने का आदेश, नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य सस्पेंड

Naib Tehsildar suspended

ग्वालियर। शासकीय जमीन से जुड़े एक मामले में अदालत के फैसले को दरकिनार करना एक नायब तहसीलदार को भारी पड़ गया। ग्वालियर संभागायुक्त ने डबरा में पदस्थ रहे नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य को शासकीय हितों के खिलाफ काम करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद सरकारी जमीन को निजी दर्ज कराने की कोशिश करने का आरोप है।

यह पूरा मामला डबरा क्षेत्र की एक शासकीय भूमि से जुड़ा है। एक प्रकरण में न्यायालय पहले ही यह स्पष्ट कर चुका था कि संबंधित जमीन सरकारी है और इसे किसी निजी व्यक्ति के नाम नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद, नायब तहसीलदार लोकमणि शाक्य ने अपने कार्यकाल के दौरान उसी जमीन को निजी व्यक्ति के नाम पर दर्ज करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया, जो सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन था।

वरिष्ठ अधिकारियों को भी रखा अंधेरे में

प्रशासनिक जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस मामले में शासन की ओर से अपील दायर करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन नायब तहसीलदार ने इस पर कोई आवश्यक कार्रवाई नहीं की। उन्होंने न तो समय पर अपील दायर की और न ही इस संवेदनशील प्रकरण की स्थिति से अपने वरिष्ठ कार्यालय को अवगत कराया। प्रशासन ने इसे एक गंभीर लापरवाही माना है।

संभागायुक्त ने की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्वालियर संभागायुक्त ने इसे सामान्य प्रशासनिक चूक न मानकर शासन के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला कृत्य माना। इसी आधार पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई। आयुक्त कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, निलंबन की अवधि में लोकमणि शाक्य का मुख्यालय ग्वालियर कलेक्टर कार्यालय रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग के अमले में हड़कंप है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन अब इस पूरे प्रकरण से जुड़ी फाइल को फिर से खंगाल रहा है। इस बात की भी प्रबल संभावना है कि जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने को लेकर आगे एक विस्तृत विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे मामलों पर प्रशासन के सख्त रुख का संकेत है।