रिटायरमेंट नियमों में बदलाव, अब 58 साल की उम्र में रिटायर होंगे ये कर्मचारी, पढ़े वित्त विभाग का आदेश

Employees Retirement Age Rules: हरियाणा सरकार ने दिव्यांग और दृष्टिबाधित कर्मचारियों की रिटायरमेंट की आयु में बदलाव किया है। अब इन कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 60 साल के बजाय 58 साल होगी।
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हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य की नायब सैनी सरकार ने हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 में संशोधन करते हुए दिव्यांग कर्मचारियों (70% या उससे अधिक विकलांगता वाले) की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से घटाकर 58 वर्ष कर दी है। हालांकि ग्रुप डी और न्यायिक अधिकारी 60 वर्ष की आयु में रिटायर होंगे।

इस संबंध में वित्त विभाग (Finance Regulation Branch) की ओर से 3 फरवरी 2026 को आदेश जारी कर दिया है इस संबंध में सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों और उपायुक्तों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से सभी विभागों में लागू कर दिया गया है।

नए बदलाव से किसे मिलेगा लाभ

संशोधित नियम के अनुसार, कम से कम 70% या उससे अधिक विकलांगता वाले दिव्यांग कर्मचारी और दृष्टिहीन कर्मचारी” 58 वर्ष की आयु में रिटायर होंगे। एक-आंख वाले कर्मचारियों को “अंधे” या दिव्यांग व्यक्तियों के रूप में नहीं माना जाएगा। वे भी 58 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होंगे। ग्रुप डी के कर्मचारी और न्यायिक अधिकारी 60 वर्ष की आयु में रिटायर होते रहेंगे। इससे पहले नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग कर्मचारी, नेत्रहीन कर्मचारी, ग्रुप ‘D’ कर्मचारी और न्यायिक अधिकारियों को 60 वर्ष की आयु तक सेवा में बने रहने की अनुमति थी। हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि जनहित और असाधारण परिस्थितियों में किसी कर्मचारी को सेवा में बनाए रखने का फैसला केवल मंत्रिमंडल (Council of Ministers) की मंजूरी से ही लिया जा सकेगा।

​मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट पर मिलेगा विस्तार

​संशोधित नियम के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी सेवा के दौरान अक्षम (Disabled) हो जाता है, तो उसे 58 वर्ष की आयु पूरी करने से कम से कम तीन महीने पहले अपने विभागाध्यक्ष को सूचित करना होगा। ऐसे मामलों में रोहतक पीजीआई (PGIMS) या पीजीआई चंडीगढ़ (PGIMER) के मेडिकल बोर्ड द्वारा जांच की जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर नियुक्ति प्राधिकारी या विभागाध्यक्ष विस्तार देने पर अंतिम निर्णय लेंगे।

नियम के प्रमुख बिन्दु

जब कोई सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के लिए पात्र हो तो सेवानिवृत्ति वाले महीने की सात तारीख को एक कार्यालय आदेश जारी किया जाएगा, जिसकी प्रति हरियाणा के प्रधान महालेखाकार को भी भेजनी होगी। ऐसी स्थिति में निलंबित सरकारी कर्मचारी को पुनः सेवा में बहाल करने की आवश्यकता नहीं है। हरियाणा सरकार ने छह महीने पहले ही सरकारी कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद री-एम्प्लॉयमेंट से संबंधित मामलों के निपटान के लिए संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम-143 के अनुसार, केवल असाधारण या अपवादस्वरुप परिस्थितियों में ही 58 साल की उम्र के बाद अधिकतम दो वर्ष तक री-एम्प्लॉयमेंट की अनुमति दी जा सकती है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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