लॉकडाउन के बीच 71 जमाती गिरफ्तार, 35 को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

लॉकडाउन के बीच 71 जमाती गिरफ्तार, 35 को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

भोपाल।

दो दिन पहले राजधानी(capital) में तेजी से फैले कोरोना(corona) संक्रमण की वजह जिला प्रशासन(administration) ने ढूंढ ली थी। जहाँ जांच में पाया गया था कि भोपाल में संक्रमण जमातियों की वजह से फैला है। वहीँ जिला प्रशासन ने जांच की एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) को भी सौंपी थी। जिसके बाद बड़ी कार्यवाही करते हुए राजधानी पुलिस ने 71 जमातियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी वो जमाती हैं जो दिल्ली मरकज या फिर देश के दूसरे मरकजों में शामिल हुए थे। इसी के साथ भोपाल के भी कुछ जमातियों को गिरफ्तार किया गया है।

दरअसल शुक्रवार को पुलिस ने 35 जमातियों को गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया था। जहाँ सुनवाई के बाद जज ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीँ इससे पहले कोरोना के ख़िआलफ अपनी सुरक्षा ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने सुनवाई बहरी कंपाउंड में की थी। बता दें कि गिरफ्तार हुए जमातियों में से 30 जमाती विदेशी हैं। जबकि बाकि अन्य देश के असम अथवा फिर दूसरे हिस्सों के हैं। वहीँ 36 अन्य जमातियों के वीजा की जांच की जा रही है।

इससे पहले बुधवार को कलेक्टर(collector) तरुण पिथोड़े के नेतृत्व में एडीशनल एसपी और अन्य तकनीकी सहायकों की गठित टीम ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जांच रिपोर्ट सौंपी थी। भोपाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण की शुरुआत कहाँ से और किसके कारण हुई। इसकी जांच के लिए इसके जांच के लिए कलेक्टर(collector) तरुण पिथोड़े के नेतृत्व में एडीशनल एसपी और अन्य तकनीकी सहायकों की टीम गठित की गयी थी। जिसमे जांच में पाया गया था कि भोपाल में संक्रमण जमातियों की वजह से फैला है। वहीँ इस जांच में तीन तरह से कांटेक्ट की ट्रेसिंग हुई । पहली जांच सीधे संपर्क में आने वाले लोग को लेकर, दूसरा पॉजिटिव व्यक्तियों ने जिनके नाम बताए और तीसरा अन्य स्रोत के जरिये विभाग के लोगों से पूछताछ करके ये जांच की गयी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews