अशोकनगर की शुचिता अभियान को मिला चयनित नवाचारों में स्थान

अशोकनगर की शुचिता अभियान को मिला चयनित नवाचारों में स्थान

अशोकनगर अलीम डायर। दिल्‍ली में केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने देशभर से चयनित 25 कहानियों के संग्रह का विमोचन किया। इस संग्रह में अशोकनगर जिले में कलेक्‍टर डॉ.मंजू शर्मा द्वारा चलाये गये शुचिता अभियान को स्‍थान प्राप्‍त हुआ है। कार्यक्रम में कलेक्‍टर डॉ.मंजू शर्मा ने शुचिता अभियान के क्रियान्‍वयन के बारे में अपने विचार रखे कि आंगनवाडी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के माध्‍यम से बच्चियों को 5-एस के संबंध में समझाईश दी जा रही है।

उन्‍होंने बताया कि शासकीय कन्‍या शालाओं एवं छात्रावासों में राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा संचालित स्‍व सहायता समूहों के माध्‍यम से सेनेटरी नेपकिन की सप्‍लाई कराई जा रही है। जिससे स्‍व सहायता समूह सशक्‍त एवं आर्थिक रूप से सुदृढ़ की दिशा में अग्रसर हो रहे है। उन्‍होंने बताया कि जिले के सभी शासकीय कन्‍या विद्यालयों एवं छात्रावासों में वेंडिग मशीन एवं इंशीनेटर की स्‍थापना की जाकर कन्‍या विद्यालयों में पिंक टॉयलेट की व्‍यवस्‍था की जा रही है। शासकीय कन्‍या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय अशोकनगर में उच्‍च गुणवत्‍ता के पिंक टॉयलेट एवं चेंजिग रूम का निर्माण कराया जा चुका है।

केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी ने प्राप्‍त सुझाव के संबंध में कहा कि इस अभियान को गति देने के लिए शुचिता अभियान को जन औषधि केन्‍द्रों से जोडा जायेगा। साथ ही प्‍लान बनाकर अन्‍य विभागों की योजनाओं से भी इसे जोडेगें।

इस शुचिता अभियान नवाचार को देश सर्वश्रेष्‍ठ कहानियों में स्‍थान मिलने का प्रदेश एवं जिले का नाम रोशन हुआ है। इस पूरे अभियान का श्रेय जिले की महिला कलेक्‍टर डॉ.मंजू शर्मा को जाता है। यह सफलता कलेक्‍टर की बेटियों के प्रति सकारात्‍मक एवं स्‍वच्‍छ सोच के सपने को साकार करती है।

ज्ञातव्‍य है कि अशोक नगर जिले में ”बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत जिले में स्कूली छात्राओं में स्वास्थ्य संबंधी संकोच को समाप्त करने के लिये नवाचार स्वरूप ” शुचिता(पवित्रता) अभियान चलाया गया था। इस अभियान में छात्राओं को 5- एस (स्वास्थ्य, स्व-रक्षा, स्वच्छता, स्वाभिमान और स्वावलंबन) के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया है। इस अभियान को भारत सरकार द्वारा सम्‍पूर्ण देश में से 25 कहानियों को चयनित किया गया। ये कहानियां बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं पर आधारित है।

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