सियासी हलचल के बीच एक बार फिर बीजेपी विधायक होंगे दिल्ली रवाना

सियासी हलचल के बीच एक बार फिर बीजेपी विधायक होंगे दिल्ली रवाना

भोपाल। प्रदेश के सियासी फेरबदल के बीच अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए भाजपा फिर से अपने विधायकों को भोपाल से बाहर ले जाने की तैयारी में है। सोमवार को भाजपा के सभी विधायक भोपाल से दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। इससे पहले रविवार देर रात बीजेपी के सभी विधायक फ्लोर टेस्ट की संभावना को देखते हुए भोपाल पहुंचे थे।

सियासी सरगर्मी के बीच अपने विधायकों की सुरक्षा के लिए बीजेपी और कांग्रेसी खेमा बहुत सतर्क हो गया है। इस बीच सोमवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण की संभावना को देखते हुए बीजेपी ने अपने सभी विधायकों को वापस भोपाल बुला लिया था। किंतु सोमवार को विधानसभा सत्र शुरू होने तथा राज्यपाल के अभिभाषण के बाद कमलनाथ सरकार का शक्ति परीक्षण नहीं हो सका। जिसके बाद बीजेपी विधायकों की सुरक्षा को देखते हुए बीजेपी वापस विधायकों को भोपाल से दिल्ली रवाना कर रही है। बता दें कि उससे पहले रविवार को बीजेपी ने अपने विधायकों को वापस भोपाल बुला लिया था।जहां उन्हें एक होटल में रखा गया था। वही चर्चा यह भी है कि भाजपा के दो नेता कांग्रेसी विधायक से मिलने बंगलुरु रवाना हो सकते हैं। दूसरी तरफ कांग्रेसी विधायक आज सीएम हाउस में बैठक में शामिल होंगे।

गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा में कमलनाथ सरकार का बहुमत परीक्षण होना था किंतु विधानसभा अध्यक्ष ने 26 मार्च तक के लिए विधानसभा स्थगित कर दी। जिसके बाद बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। वहीं एक बार फिर राज्यपाल टंडन ने कमलनाथ सरकार को पत्र लिखकर मंगलवार को बहुमत साबित करने की मांग की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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