Narendra Saluja Died: बीजेपी प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि हार्ट अटैक ने उनकी जान ले ली। कुछ घंटे पहले ही उन्होनें अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं दी थी। कुछ दिनों से वह एक शादी में थे, 30 अप्रैल बुधवार को उनकी तबीयत बिगड़ी। एसिडिटी की दवाई लेकर वह इंदौर के लिए रवाना हो गए थे।

करीब 3 बजे सलूजा इंदौर पहुँचे। घर पहुंचते ही थोड़ी देर में अचानक बेहोश हो गए। परिजन उन्हें फौरन खंडवा रोड में स्थित गौरव अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नरेंद्र सलूजा की मृत्यु से राजनीतिकी जगत में शोक की लहर है। कई दिग्गज नेताओं ने दुख जताया है।

सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?

सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया “X” पर कहा, “बीजेपी, मध्यप्रदेश के प्रवक्ता, प्रखर वक्ता युवा साथी नरेंद्र सलूजा के आस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है और स्तब्धकारी है। मृदभाषित, सरलता और सहजता उनके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा रहा। संगठन के प्रति उनका समर्पण हमेशा याद किया जाएगा।” उन्होनें आगे कहा, “मेरी संवेदनाएं परिवारजनों और समर्थकों के साथ है। ईश्वर दिवगंत आत्मा को अपने शरीचरणों मे स्थान दें। परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दे।”

2022 में कॉंग्रेस छोड़ थामा था बीजेपी का हाथ 

नरेंद्र सलूजा कमलनाथ के काफी करीब थे। कॉंग्रेस मीडिया की समन्व्यक की जिम्मेदारी संभालते थे। लेकिन 25 नवंबर 2022 में वह कॉंग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मौजूदगी में उन्होनें सदस्यता शपथ ग्रहण किया था। जिसके बाद बीजेपी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी थी।

किसने क्या कहा?

जीतू पटवारी, वीडी शर्मा, शिवराज सिंह चौहान और कमलनाथ ने दुख जताया है। कमलनाथ ने  कहा, “भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा के असामयिक निधन का दुखद समाचार मिला। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें। परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति भी दें। उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं है।”

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “विश्वास करना मुश्किल है कि बीजेपी एमपी प्रवक्ता और मेरे दोस्त नरेंद्र सलूजा अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की दुखद खबर सुनकर मैं स्तब्ध हूँ। मन तकलीफ और पीड़ा से भरा हुआ है। वह अपने शब्द बाणों और चुटीले व्यंग्यों से विपक्ष को करारा जवाब देते थे, हम दोस्तों को भी गुदगुदाते थे। जनहित के मुद्दों की प्रखरता से रखने की बात हो या पार्टी की विचारधाता के प्रसारण की, वह अकेले ही सबपर भारी पड़ते थे। आगे उन्होनें कहा, “नरेंद्र सलूजा ऊर्जा से भरे जिंदादिल व्यक्तित्व वाले थे। उनका असमय जाना पार्टी और हम मित्रों के लिए बड़ा नुकसान है। वह भले ही हमे छोड़कर चले गए लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे साथ है।”