कैबिनेट मंत्री मोहन यादव कोरोना पॉजिटिव, सिंधिया के साथ थे मौजूद

कैबिनेट मंत्री मोहन यादव कोरोना पॉजिटिव, सिंधिया के साथ थे मौजूद

उज्जैन, योगेश कुल्मी

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोरोना (Corona) का कहर बढ़ता जा रहा है| आम से लेकर ख़ास सब इसकी चपेट में आ चुके हैं| वहीं मुख्यमंत्री, मंत्री विधायक समेत कई नेता कोरोना संक्रमित हो चुके हैं| अब एक और कैबिनेट मंत्री कोरोना पॉजिटिव निकलने से हड़कंप मच गया है| कैबिनेट मंत्री मोहन यादव (Minister mohan yadav) की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) आई है|

मंगलवार को मंत्री मोहन यादव की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है| जिसके बाद उन्हें इंदौर के अरविन्दो अस्पताल में भर्ती कराया गया है| उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है| मंत्री यादव एक दिन पहले राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य के साथ मौजूद रहे थे| उन्होंने करीब आधे घंटे तक सिंधिया के साथ मंच साझा किया था|

युवा नेता के बाद मंत्री भी संक्रमित, अन्य नेताओं पर बढ़ा खतरा
सिंधिया के उज्जैन दौरे के समय हर वक्त साथ घूमने वाले भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी की लापरवाही ने कई नेताओं सहित लोगों को कोरोना संक्रमण के खतरे में डाल दिया। सोमवार को देर शाम इसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया| कोरोना पॉजिटिव ये नेता सभी के साथ फोटो भी खिंचवाता नजर आया और बिना मास्क भीड़ में मौजूद रहा| इस दौरान सांसद सिंधिया के अलावा मंत्री मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया सहित और भी बीेजेपी नेता मौजूद थे। अब मंत्री मोहन यादव की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, जिसके बाद अब खतरा और बढ़ गया है| शाही सवारी में भी यह पदाधिकारी मौजूद था, जिसमे 300 से अधिक लोग शामिल थे। इससे संक्रमण फैलने की आशंका और बढ़ गई है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews