कांग्रेस विधायक की चेतावनी- ”रिश्वत ली तो ट्रांसफर करवा दूंगा”

कांग्रेस विधायक की चेतावनी- ”रिश्वत ली तो ट्रांसफर करवा दूंगा”

अशोकनगर। हितेन्द्र बुधौलिया। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के खाते में राशि डालने के बदले में नगरपालिका कर्मचारियों द्वारा पांच पांच हजार रु की रिश्वत की शिकायत विधायक जजपाल सिंह जज्जी को मिली तो विधायक ने मंच से ही कर्मचारियों को खरी खोटी सुना दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी भी कर्मचारी ने पैसा लिया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।उन्होंने कहा कि अगर पैसे लेने की शिकायत मिली तो अस्थाई कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा एवं स्थाई कर्मचारियों का ट्रांसफर करा दूंगा।

विधायक जजपाल सिंह जज्जी शुक्रवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के गृह प्रवेश एवं भूमि पूजन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे, उसी दौरान कुछ गरीब लोगों ने शिकायत करते हुए कहा कि नगरपालिका कर्मचारी उनसे खातों में पैसे डालने के एवज में पांच पांच हजार रु रिश्वत की मांग करते हैं। जैसे ही विधायक को यह शिकायत मिली तो उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वह अंतिम बार चेतावनी दे रहे हैं ।अगर किसी भी व्यक्ति से रिश्वत मांगी तो यहां नौकरी नहीं करने दी जाएगी ,उन्होंने कहा कि आप लोग ईमानदारी से कार्य करें और अगर इसमें कोताही बरती तो नगरपालिका के अस्थाई कर्मचारियों को घर बैठा दिया जाएगा और स्थाई कर्मचारियों को शहर से बाहर ट्रांसफर कर करा दूंगा ।साथ ही उन्होंने लोगों से कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति रिश्वत की मांग करता है तो सीधे उन्हें फोन लगाकर बताएं ।इस अवसर पर विधायक ने 404 लोगों को गृह प्रवेश कराया एवं 175 लोगों की ऑनलाइन किस्त भी खातों में डाली।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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