कोरोना वायरस: संदेही छात्र ने भर्ती होने से किया इंकार, प्रशासन में हड़कंप

कोरोना वायरस: संदेही छात्र ने भर्ती होने से किया इंकार, प्रशासन में हड़कंप

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।
चीन से आये कोरोना वायरस का पहला मरीज केरल में मिलने के बाद ग्वालियर में भी एक संदिग्ध मरीज मिला है। स्वास्थ विभाग की टीम ने इसका मेडिकल चेकअप कराया है। दो टीमें लगातार इसपर नजर रखे हुई है।

चीन के वूहान विश्वविद्यालय से अपने घर केरल लौटी एक छात्रा को कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद सरकार अलर्ट मोड पर है। लगातार चीन सहित आसपास के अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों के बारे में सरकार जानकारी जुटा रही है। इसी बीच ग्वालियर में भी एक संदिग्ध मरीज मिला है। जानकारी के अनुसार चीन के जेहान शहर में रह कर एमबीबीएस कर रहे ग्वालियर का एक छात्र गुरुवार को जिला अस्पताल पहुंचा। ये छात्र 15 दिन पहले ही ग्वालियर लौटा है। 21 साल का ये छात्र लगातार सर्दी, जुकाम और गले के दर्द से परेशान है। वो इलाज के लिए जिला अस्पताल मुरार पहुंचा, यहाँ मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉ वीके बाथम ने उस कंपलीट ब्लड काउंट टेस्ट कराने की सलाह दी लेकिन अलर्ट के बावजूद उसका नाम और पता दर्ज नहीं किया और ना ही इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

उधर डॉ बाथम की बातों से घबराया छात्र जयारोग्य अस्पताल पहुँच गया। वहाँ डॉक्टर्स ने छात्र का डिटेल लेने के बाद उसका परीक्षण किया और आइसोलेशन वार्ड में भर्ती होने की सलाह दी लेकिन छात्र ने इंकार कर दिया और लौट गया। संदिग्ध मरीज की जानकारी जयारोग्य अस्पताल के डॉक्टर्स ने जिला प्रशासन को दी। जानकारी मिलते ही CMHO डॉ मृदुल सक्सेना और सिविल सर्जन डॉ वीके गुप्ता सकते में आ गए, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मरीज को खोजने की जद्दोजहद शुरू हो गई। जयारोग्य अस्पताल सहित सभी नर्सिंग होम्स में छात्र का पता लगाने टीमें भेजी गई। जिला अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज देखे गए उससे छात्र की पहचान हुई और फिर जयारोग्य अस्पताल में दर्ज उसके घर के पते पर दो टीमें भेजी गई।

इस पूरी प्रक्रिया में करीब सात घंटे लग गए तब तक स्वास्थ विभाग की टीम घबराई हुई रही। घर पहुँच कर टीम ने संदिग्ध छात्र और उसके परिजनों का मेडिकल चेकअप किया। देर रात तक ये परीक्षण जारी रहा जिसका परिणाम अभी आना बाकी है। उधर CMHO डॉ मृदुल सक्सेना और सिविल सर्जन डॉ वीके गुप्ता ने जिला अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉ वीके बाथम को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। गौरतलब है कि निर्देशों के बावजूद डॉ बाथम ने संदिग्ध मरीज का रिकॉर्ड नहीं रखा और ना ही इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी।

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