गुना में कुछ इस अंदाज में मिले दिग्विजय-सिंधिया

गुना में कुछ इस अंदाज में मिले दिग्विजय-सिंधिया

गुना । आखिरकार गुना पहुंचने पर दोनों दिग्गज नेताओं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह के बीच मुलाकात हो ही गई। दोनों ने पहले एक दूसरे का हाथ जोड़कर स्वागत किया और फिर गले मिले।साथ ही फूलों की माला भी पहनाई। इस दौरान दोनों के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की। लेकिन दोनों के बीच कोई गुप्तवार्ता ना हो सकी। बताया जा रहा है कि समयाभाव के कारण यह गुप्‍तवार्ता टल गई। इस दौरान दिग्विजय के मंत्री पुत्र जयवर्धन सिंह भी मौजूद थे।

दरअसल, रविवार से ही सिंधिया और दिग्विजय सिंह के मुलाकात को लेकर सियासी गलियारओं में हलचल मची हुई थी। सिंधिया की नाराजगी के बीच इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। माना जा रहा था कि दिग्विजय सिंधिया की नाराजगी दूर करने की कोशिश करेंगें ।इस दौरान दोनों के बीच पीसीसी चीफ और राज्यसभा जाने को लेकर भी चर्चा होगी। लेकिन मुलाकात टल गई।इससे पहले कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने दिग्विजय और सिंधिया आठ साल पहले राजीव गांधी कांग्रेस भवन का लोकार्पण करने आए थे। इस दौरान दोनों नेता ने एक-दूसरे की शान में जमकर कसीदे पढ़े थे। यह दूसरा मौका था जब दोनो दिग्गज गुना पहुंचे ।जहां सिंधिया करीब आठ महिने बाद गुना पहुंचे है वही दिग्विजय भी कई सालों बाद वहां पहुंचे। खास बात तो ये रही कि सिंधिया और दिग्विजय सिंह का सामना बीच सड़क पर ही हुआ। दोनों अपने-अपने हाथों में माला लेकर गाड़ी से उतरे और फिर एक-दूसरे को पहनाया। फिर दोनों गले मिले। पास में खड़े दिग्विजय सिंह के मंत्री बेटे जयवर्धन ने भी ज्योतिरादित्य सिंधिया को माला पहनाया। बीच सड़क पर ही दोनों के बीच थोड़ी-बहुत बात हुई और आगे बढ़ गए।  इसके बाद दोनों अपने अपने रास्ते निकल गए।

मुलाकात के पहले ये था दोनों का बयान
इससे पहले आज सुबह भोपाल में मीडिया से चर्चा के दौरान सिंधिया ने कहा था कि बड़ी अजीब बात है दिग्विजय सिंह से आज पहली बार मुलाकात हो रही क्या….राजा साहब से मेरी पहली बार मुलाकात नहीं हो रही है। हर महीने में मुलाकात होती है। कोई बड़ी बात नहीं है। आज गुना में है कल दिल्ली में है परसों कहीं और मुलाकात होती रहती है।यह एक सामान्य मुलाकात है, उनसे मिलना होते रहता है, इसमें कुछ खास नहीं।वही दिग्विजय ने अशोकनगर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा था कि बहुत समय बाद ऐसा हुआ कि वह और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों एक साथ गुना में है। और ऐसे में अगर मैं उनसे नहीं मिलते तो लोग कयास लगाते कि हम लोगों के बीच तनातनी है । इसी वजह से उनके और सिंधिया के बीच यह बैठक होने जा रही है।

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निदेशक और संपादक

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