खाद्य निरीक्षक की बेटी ने सोशल मीडिया पर डाला मैसेज- पिता को परेशान कर रहे अधिकारी

खाद्य निरीक्षक की बेटी ने सोशल मीडिया पर डाला मैसेज- पिता को परेशान कर रहे अधिकारी

अशोकनगर, हितेन्द्र बुधौलिया

जिले के चन्देरी सब डिवीजन में पदस्थ खाद्य निरीक्षक जे आर जाटव की बेटी द्वारा सोशल मीडिया में अपने पिता की परेशानी से संबंधित SMS खूब वायरल हो रहा है।ग्वालियर की अस्पताल में भर्ती खाद्य निरीक्षक की बेटी ने विभाग के जिला खाद्य अधिकारी पर अपने पिता पर दवाब डालने एवं अपशब्द कहने का आरोप लगाया है। जिला खाद्य अधिकारी ने इन सारे आरोपो का खंडन किया है।

जाटव की बेटी ने अपने पिता के मोबाइल से भेजे मेसेज में लिखा है अंकल जी मेरे पापा आज ICU में भर्ती है, उनकी तबियत बहुत खराब है। वो हमेशा घर पर कहते है ,काम को लेकर बहुत मेन्टली टॉर्चर करते है डीएसओ पाठक जी, बुधवार को पाठक जी ने अपशब्दों का प्रयोग किया। साथ ही मेंटल भी कहा,जिसको उन्होंने दिमाग पर लिया। कुछ टाइम पहले मेरे पापा का ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन भी हुआ है।फिर भी ऐसा सब हुआ इसलिए आज वो हॉस्पिटल में भर्ती है।

जाटव का कहना है कि उन्हें माईनर अटैक आया है और बेटी ने जो व्हाट्सएप पर लिखा वो सब भी सच है।
फिलहाल श्री जाटव ग्वालियर हॉस्पिटल में भर्ती है।जिला खाद्य अधिकारी ने इस पूरे मामले में खुद के ऊपर लगे आरोपो को गलत बताया है।यह मामला कलेक्टर अभय वर्मा के संज्ञान में भी आया है उनका कहना है कि इस मामले की जानकारी ले कर कर उचित कार्यवाही करेंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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