अवैध क्रेशर संचालक पर 16 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, सरकारी जमीन मुक्त कराई

अवैध क्रेशर संचालक पर 16 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना, सरकारी जमीन मुक्त कराई

अतुल सक्सेना//ग्वालियर। शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर लीज का आवेदन देकर लीज स्वीकृत होने से पहले ही एक क्रेशर संचालक ने 10 लाख 70 हजार 10 घनमीटर अवैध उत्खनन कर लिया। जांच में मामला सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर अवैध क्रेशर संचालक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने 16 करोड़ 5 लाख 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाकर शासकीय जमीन को मुक्त करा लिया और आरोपी क्रेशर संचालक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराई गई।

जिला खनिज अधिकारी गोविंद शर्मा के मुताबिक ग्वालियर के बिलौआ गांव के सर्वे क्रमांक 3717/3 की भूमि को निजी भूमि बताकर खनिज विभाग से लीज के लिए आवेदन करने वाले ओम स्टोन क्रेशर के संचालक लक्ष्मण चौरसिया को लीज मिलने से पहले ही उसने 10 लाख 70 हजार 10 घनमीटर अवैध उत्खनन कर लिया। जिसकी शिकायत मिलने पर कलेक्टर ग्वालियर के आदेश पर जांच करने पहुंची टीम को शिकायत सही मिली, खनिज विभाग ने ओम स्टोन क्रेशर के संचालक लक्ष्मण चौरसिया को नोटिस भेजा और अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त समय भी दिया। लेकिन कलेक्टर कोर्ट में आरोपी लक्ष्मण चौरसिया उपस्थित नहीं हुआ। इसी दौरान राजस्व विभाग ने लक्ष्मण चौरसिया के द्वारा बताई गई निजी भूमि की भी जांच आर आई और पटवारी द्वारा की गई तो जांच में पता चला कि सर्वे नंबर 3717/3 शासकीय भूमि है। जिसे अवैध तरीके से लक्ष्मण चौरसिया ने निजी भूमि घोषित कर रखा था। पूरे प्रकरण में ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी ने जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी लक्ष्मण चौरसिया के खिलाफ मध्य प्रदेश गौण खनिज नियम 1996 नियम 53 के तहत रॉयल्टी का 30 गुना 16 करोड़ 5 लाख 15 हजार रुपए का जुर्माना (अर्थदंड) लगाने के साथ-साथ धारा 379 का भी मामला थाना बिलौआ मेंं दर्ज किया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews