बुआ यशोधरा बोलीं- अम्मा के सपने को पूरा करेंगे ज्योतिरादित्य

बुआ यशोधरा बोलीं- अम्मा के सपने को पूरा करेंगे ज्योतिरादित्य

अतुल सक्सेना//ग्वालियर।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने और भाजपा में आने की खबर के बाद देश और प्रदेश में राजनैतिक भूचाल आ गया है। शिवराज सिंह, नरोत्तम मिश्रा, कैलाश विजयवर्गीय सहित भाजपा के तमाम नेताओं ने सिंधिया का स्वागत किया है लेकिन सिंधिया की बुआ और पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया सबसे अधिक खुश हैं। उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य घर लौट आये हैं और वो अम्मा का सपना जरूर पूरा करेंगे।

सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया सामने आईं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के आवास पर पहुंची पूर्व मंत्री और सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा हमारे परिवार का अपमान किया। 1967 में अम्मा यानि राजमाता विजया राजे सिंधिया के की उपेक्षा की जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और जनसंघ में चलीं गई। यशोधरा ने कहा कि 1993 में कांग्रेस ने दादा यानि माधव राव सिंधिया की उपेक्षा की जिसके बाद दादा ने कांग्रेस छोड़ दी और मप्र विकास कांग्रेस बनाई। उस समय अम्मा ने दादा से कहा था कि वे भाजपा में आ जाये लेकिन दादा नहीं आये। और जिस तरह से कांग्रेस मेरे भतीजे ज्योतिरादित्य सिंधिया का अपमान कर रही थी तो मैंने तो कई बार दादा और अम्मा की समाधि पर प्रार्थना की कि ज्योतिरादित्य घर यानि भाजपा में लौट आए। उन्होंने कहा कि अब ज्योतिरादित्य भाजपा में आ गए है तो वे निश्चित ही अम्मा के सपने को पूरा करेंगे । अब पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उनके सम्मान और पद का फैसला करेगा। यशोधरा ने कहा कि मेरी पहले भी बात हुई थी कि वो भाजपा में आ जाए। ज्योतिरादित्य ने जो फैसला लिया है वो ऐतिहासिक , साहसिक है और जनता के विकास के लिए उत्तम है हम सभी उनके इस निर्णय में उनके साथ हैं। गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और यशोधरा राजे के बीच माधव राव सिंधिया के निधन के बाद से ही मनमुटाव चल रहा है। लेकिन बदलते राजनैतिक घटनाक्रम के बाद जिस तरह से यशोधरा ने खुलकर सिंधिया का स्वागत किया है उससे लगा है कि इनके बीच सुलह हो गई है।

इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफे के बाद यशोधरा राजे सिंधिया ने ट्वीट कर उनके इस कदम की प्रशंसा की है। उन्होने लिखा कि राजमाता के रक्त ने लिया राष्ट्रहित में फैसला साथ चलेंगे, नया देश गढ़ेंगे, अब मिट गया हर फासला। ज्योतिरादित्य की बुआ ने कहा कि मैं उनके द्वारा कांग्रेस छोड़ने के साहसिक कदम का मैं आत्मीय स्वागत करती हूँ।

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