लोकायुक्त का शिकंजा, महिला प्रधान आरक्षक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

लोकायुक्त का शिकंजा, महिला प्रधान आरक्षक रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

रीवा। मध्यप्रदेश में आए दिन भ्रष्टाचार के मामले सामने आ रहे हैं। हाल ही में लोकायुक्त टीम ने जबलपुर में सिविल सर्जन और इंदौर में पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया था। अब रीवा में लोकायुक्त ने प्रधान आरक्षक को रंगेहाथ रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया है।कार्रवाई के बाद से जिले में हड़कंप मचा हुआ है।फिलहाल आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल, मामला रीवा के महिला थाने का है। जहां प्रधान आरक्षक सुषमा तिवारी आरक्षक को लोकायुक्त ने 30 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। आरोप है कि प्रधान आरक्षक ने किसी मामले को लेकर पीड़ित से रिश्वत की डिमांड की थी, जिसके बाद पीड़ित ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की थी।

लोकायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले जांच की और फिर पीड़ित की मदद से प्रधान आरक्षक तिवारी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई।लोकायुक्त ने पीडित को रिश्वत की रकम लेकर प्रधान आरक्षक के पास भेजा, जैसे ही आरक्षक ने पीड़ित से रिश्वत ली, लोकायुक्त ने उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।कार्रवाई के बाद से ही थाने में हडकंप मचा हुआ है। लोकायुक्त ने बताया कि प्रधान आरक्षक के खिलाफ उचित कार्यवाई की जा रही है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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