MP के डॉ. माधव हासानी बने AIFGDA के नए जनरल सेक्रेटरी, डॉ. रितेश तंवर समेत प्रदेश के 5 अन्य चिकित्सक भी बैठक में हुए थे शामिल

MP के डॉ. माधव हासानी बने AIFGDA के नए जनरल सेक्रेटरी, डॉ. रितेश तंवर समेत प्रदेश के 5 अन्य चिकित्सक भी बैठक में हुए थे शामिल

MP News: ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (AIFGDA) की तीन दिवसीय बैठक 27 अगस्त को समाप्त होगी। वार्षिक कॉन्फ्रेंस 25 अगस्त से मुंबई शुरू हुई थी। शनिवार को मध्यप्रदेश के डॉ.माधव हासानी को फेडरेशन का अगला जनरल सेक्रेटरी चुना गया। वहीं समस्त राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा डॉक्टर राजेश गायकवाड (महाराष्ट्र) को अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

[dgv_vimeo_video id=”858237926″]

26 राज्यों से प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा

कांफ्रेंस में 26 राज्यों के विभिन्न संगठनो के 136 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने राज्यों के संगठन के कार्यों और चिकित्सीय व्यवस्थाओं की जानकारी सामने रखी।

मध्यप्रदेश के इन चिकित्सकों ने लिया हिस्सा

बैठक में मध्यप्रदेश के 6 चिकित्सकों ने भाग लिया। डॉ. माधव हासानी (प्रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन), डॉ. सुनील अग्रवाल (प्रेसिडेंट प्रोग्रेसिव मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन), डॉ. रितेश तंवर (जनरल सेक्रेट्री मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन), डॉ अविनाश ठाकुर (सेक्रेटरी मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन) और डॉ दिनेश मांडवे (ज्वाइंट सेक्रेटरी ईएसआई डॉक्टर्स एसोसिएशन) शामिल हुए थे।

इन मुद्दों पर बनी सहमति

कॉन्फ्रेंस में भारत देश एवं समस्त राज्यों की खस्ताहाल चिकित्सा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। तीन मुद्दों पर सहमति बनी। जिसमें देश में आय दिन चिकित्सकों के साथ होने वाले वायलेंस के विरुद्ध देशव्यापी कड़ा कानून बनाने हेतु प्रस्ताव बना, जिसमें अधिकतम 10 साल की सजा का प्रावधान लाने पर सहमति बनी। इसके अलावा केंद्र सरकार की तरह सभी राज्यों में डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम (DACP) एकरूपता के साथ लागू होने पर भी सहमति बनी। यूपीएससी के अन्य कैडर्स की तरह इंडियन मेडिकल सर्विस (IMS) कैडर के गठन के लिए सभी राज्यों ने एकमत से प्रस्ताव रखा।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews