खाद्य विभाग की कार्रवाई से हड़कंप, प्रशासन के आदेश की अवहेलना पर काटे चालान

खाद्य विभाग की कार्रवाई से हड़कंप, प्रशासन के आदेश की अवहेलना पर काटे चालान

नीमच।श्याम जाटव।

जिले में कलेक्टर के निर्देशन में दल का गठन किया गया, जिसमें जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव कुमार मिश्रा, नायब तहसीलदार पिंकी साठे,व पुलिस बल साथ था। ऐसे व्यापारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए जो कलेक्टर जितेन्द्रसिंह राजे के आदेश की अवेलना कर रात 9:00 बजे के बाद भी प्रतिष्ठानों को खोलकर अपना व्यापार संचालित कर रहे थे। पहली कार्यवाही टूरिस्ट होटल कनावटी मक्खन का ढाबा पर की गई,वहाँ पर बिठाकर आगंतुकों को खाना खिलाया जा रहा था,जबकि नियमानुसार पार्सल सुविधा दी गयी है,उन पर ₹5000 की चालानी कार्रवाई की गई। दूसरी कार्रवाई फवारा चौक स्थित सैनी पान पर हुई, इनकी लगातार शिकायत प्राप्त हो रही थी,इनके द्वारा रात तक दुकान खोलकर ग्राहकों को बिना मास्क पान मसाला, सिगरेट, पान विक्रय करते हैं मौके पर चार ,पांच ग्राहक मिले और उन पर ₹1000 की चालानी कार्रवाई की गई,व दो ग्राहकों के बिना मास्क के 100-100 रुपये के चालान बनाये। तीसरी कार्रवाई महू रोड स्थित सैनी कलेक्शन पर की गई 10:30 बजे दुकान खोल कर ग्राहकों को सामान विक्रय कर रहे थे उन पर भी ₹1000 की चालानी कार्रवाई की गयी । महू रोड स्थित काका कोल्ड ड्रिंक द्वारा रात 10:45 पर ग्राहकों को सामान विक्रय करते पाए गए, उन पर भी ₹1000 की चालानी कार्रवाई की गई। न्यू राजस्थानी ढाबा पर कार्रवाई की गई रात 11:00 बजे ग्राहकों को अंदर बैठा कर भोजन करवाया जा रहा था, लगभग 7 लोग मौके पर मिले उन पर ₹2000 की चालानी कार्रवाई की गई। कलेक्टर के निर्देशन में अभियान सतत जारी रहेगा इसलिए व्यापारियों से निवेदन है कि आदेश का पालन किया जाए।कोरोना संक्रमण की रोकथाम के पालन में बनाये गए नियमो का पालन समस्त व्यापारी द्वारा किया जाए,पालन न करने की दशा में पहली बार चलानी कार्यवाही व उसके पश्चात 188 में कायमी की जाएगी।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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