
शिवपुरी, मोनू प्रधान। जिले के लुकवासा स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को एक प्रसूता की डिलेवरी हुई। यहां उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जच्चा और बच्चा स्वस्थ थे लिहाजा डॉक्टर ने प्रसूता की छुट्टी कर दी और उसे घर छोड़ने के लिए जननी एक्सप्रेस को बुलाया गया। लेकिन जननी एक्सप्रेस के ड्राइवर ने महिला को घर पहुंचाने के लिए परिजनों से 700 रुपए की मांग की। परिजनों ने रुपए दे भी दिए लेकिन फिर भी ड्राइवर उन्हें बीच रास्ते में ही छोड़कर चला गया।
प्रसूता अपनी नन्हीं बच्ची को करीब दो किलोमीटर पैदल लेकर घर तक पहुंची। यहां उसने देखा तो बच्ची की सांसे थम गई थी। घबराकर प्रसूता और उसके परिजन वापस लुकवासा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां डॉक्टरों ने चैकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस पूरे मामले में जननी एक्सप्रेस चालक की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। थोड़े से रुपयों के लालच में एक नवजात की जान चली गई। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कर कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के अनुसार फूलबाई (28) पत्नी सुआलाल अदिवासी निवासी ग्राम ऊदली को प्राथमिक अस्पताल लुकवासा प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। 4 अक्टूबर को सामान्य प्रसव से नवजात बच्ची का जन्म हुआ। डिलेवरी के 12 घंटे बाद सुआलाल ने अस्पताल की नर्स से बातचीत कर छुट्टी करने की बात कही। जच्चा-बच्चा स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद घर जाने के लिए डायल 108 पर कॉल करके जननी एक्सप्रेस बुलवाई गई। लेकिन जननी एक्सप्रेस के चालक ने उनसे पैसों की मांग की और पैसे लेकर भी ऊदली गांव से 2 किमी पहले ही जंगल में बीच रास्ते पर उतारकर चला गया। प्रसूता अपनी नवजात बच्ची को लेकर 2 किमी पैदल चलकर गांव पहुंची। लेकिन वहां देखा कि बच्ची के शरीर में कोई हलचल नहीं थी। घबराए परिजन बच्ची को लेकर वापस लुकवासा अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
घरवाले इस घटना से बुरी तरह टूटे हुए हैं। उनका कहना है कि अगर जननी एक्सप्रेस उन्हें घर तक छोड़ जाती तो आज हमारी बच्ची जीवित होती। प्रसूता के पति सुआलाल आदिवासी का कहना है कि खेतीबाड़ी का समय चल रहा है इसलिए हमने खुद ही कहकर छुट्टी करा ली थी। जननी एक्सप्रेस का चालक आया और घर तक छोड़ने के एवज में 700 रुपए मांगे। किसी तरह घर तक सुरक्षित पहुंच जाए, इसलिए उसे सात सौ रुपए दे भी दिए। सुआलाल के मुताबिक जननी एक्सप्रेस का चालक हमें गांव से 2 किमी पहले ही रास्ते में उतारकर चला गया। हवा लगने से बच्ची की मौत हो गई। जननी एक्सप्रेस के चालक का नाम सुनील जाटव बताया जा रहा है।
इनका कहना है
लुकवासा क्षेत्र में जननी एक्सप्रेस सुनील जाटव चलाता है। यदि उसने प्रसूता को छोडने के एवज में सात सौ रुपए लिए हैं तो हम इस मामले की जांच कराएंगे। रही बात बच्ची की मौत की तो एक ही दिन में प्रसूता को अस्पताल से छुट्टी देने का प्रावधान नहीं है।
धनिश शर्मा, जिला समन्वयक, जननी एक्सप्रेस जिला शिवपुरी
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

