लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची, आईसीयू में भर्ती

लावारिस हालत में मिली नवजात बच्ची, आईसीयू में भर्ती

खंडवा/सुशील विधानी। हमारा समाज आज भी बच्चियों को बोझ समझने की मानसिकता से उबर नहीं पाया है। शायद इसी वजह से लोग नवजात बच्चियों को लावारिस छोड़ने में भी नहीं हिचकते। ऐसा ही मामला ओंकारेश्वर में सामने आया है जहां गणेश नगर दादा दरबार आश्रम के पास एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पाई गई। बच्ची महज़ दो-तीन दिन की है और कोई उसे कागज के बक्से में छोड़कर चला गया। रोने की आवाज सुनकर एक व्यक्ति ने उसके बारे में मांधाता थाने में सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जगदीशचंद पाटीदार मौके पर पहुंचे और बच्ची को ओंकारेश्वर स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया। इस मामले में थाना मांधाता में धारा 317 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस बच्ची के परिजनों की  तलाश कर रही है।

ओंकारेश्वर स्वास्थ्य केन्द्र से नवजात को बेहतर इलाज के लिए खंडवा जिला अस्पताल खंडवा रेफर किया गया। अब  महिला चिकित्सालय खंडवा के गहन चिकित्सा केन्द्र में बच्ची का इलाज किया जा रहा है। केन्द्र प्रभारी कृष्णा वास्कले के निर्देश पर इस बच्ची का खास ध्यान रखा जा रहा है। डाक्टर वास्कले ने बताया कि नवजात शिशु चार से पांच दिन की है और उसका वजन 1900 ग्राम है। कम वजन होने के कारण एवं संक्रमण रोग की आशंका के चलते बच्ची की गहन चिकित्सा की जा रही है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews