ग्वालियर चंबल संभाग में आसमान से टपकी आफत, किसान हलकान

ग्वालियर चंबल संभाग में आसमान से टपकी आफत, किसान हलकान

ग्वालियर। अचानक बदले मौसम ने अन्नदाता के माथे पर शिकन ला दी है । दरअसल ग्वालियर चंबल संभाग के कई जिलों मुरैना भिंड ग्वालियर श्योपुर शिवपुरी में बेमौसम बारिश हुई है जिसके चलते खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है।

अकेले मुरैना की बात करें तो वहां डेढ़ लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में सरसों खड़ी है जो पूरे देश में पीले सोने के रूप में विख्यात है

इसके साथ ही भिंड में भी ओले पड़े हैं। थोड़ी देर पहले डबरा और ग्वालियर से भी ओले पड़ने की खबर है।
इसके चलते खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान होगा ।

उम्मीद है कि हर जिले में प्रशासन कल से इस पूरे मामले में सर्वे शुरू करा देगा और सर्वे के बाद इस बात का आकलन हो पाएगा कि आखिर का किसानों का कितना नुकसान हुआ। देखना यह भी होगा कि सरकार इन किसानों को कितनी राहत देती है क्योंकि पिछली बार खरीफ की फसल के समय हुई अतिवृष्टि के बावजूद किसानों की फसलों का सर्वे तो हो गया लेकिन उन्हें मुआवजे की राशि अब तक नहीं मिली।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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