VIDEO: महाराज ने कसा तंज या दिल का दर्द सामने आया??

VIDEO: महाराज ने कसा तंज या दिल का दर्द सामने आया??

ग्वालियर । अतुल सक्सेना।

शुक्रवार को ग्वालियर में स्मार्ट बस की ड्राइविंग करते समय कांग्रेस के स्टार नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया कुछ ऐसा कह गए जिसके राजनीतिक मायने द्विअर्थी है ।दरअसल जब सिंधिया बस की ड्राइविंग सीट पर बैठे बस चला रहे थे तभी उनके समर्थक मंत्री तुलसीराम सिलावट ,इमरती देवी ,प्रभु राम चौधरी और गोविंद राजपूत से उनकी बातचीत चल रही थी ।हंसी ठिठोली के दौरान सिंधिया के बस चलाने को लेकर मंत्री गोविंद राजपूत बोले “महाराज आप बस बहुत अच्छी चलाते हैं।” इस पर सिंधिया ने जवाब दिया “मैं तो कब से आपकी गाड़ी चला रहा हूं।” थोड़ी देर रुकने के बाद मजाकिया अंदाज में सिंधिया ने तंज किया “लेकिन सवाल यह है कि मेरी गाड़ी कौन चला रहा है ।”अपने राजनीतिक जीवन में इस समय संक्रमण काल से गुजर रहे सिंधिया का यह कहना शायद समर्थक मंत्रियों के लिए कटाक्ष था कि वे आज सिंधिया की बदौलत ही इस पद पर पहुंचे हैं ।साथ ही सिंधिया ने अपना दर्द भी बयां कर दिया कि आज इस स्थिति में, जब वे राजनीतिक सफर में लगभग अकेले पड़ चुके हैं, उनका साथ देने वाला कौन है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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