‘शेरा’ ने जाहिर की गृहमंत्री बनने की इच्छा, कैबिनेट मंत्री बोले-‘ज्यादा उछलकूद ना करें’

‘शेरा’ ने जाहिर की गृहमंत्री बनने की इच्छा, कैबिनेट मंत्री बोले-‘ज्यादा उछलकूद ना करें’

भोपाल।
मध्यप्रदेश की सियासत का बदलता रुख कांग्रेस के लिए नई परेशानियां लेकर आ रहा है। प्रदेश के सियासी हड़कंप के बीच निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह शेरा का बयान वाकई सबको चौंका देने वाला है। सुरेंद्र सिंह शेरा ने अब अपने बयान में गृह मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की है।शेरा के इस बयान से कांग्रेस और सरकार में खलबली मच गई है। कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ने उन्हें ज्यादा उछलकूद न करने की सलाह दी है।वही तंस कसते हुए कहा कि शेरा तो प्रधानमंत्री भी बनना चाहते है।इधर, मंत्रिमंडल विस्तार से पहले शेरा ने गृहमंत्री बनने की मांग कर सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वही सरकार के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है।अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार शेरा के बयान को किस तरह से लेती है।

दरअसल, आज मीडिया से चर्चा के दौरान शेरा ने क कि मैं गृहमंत्री बनना चाहता हूं क्योंकि गृहमंत्री बालाबच्चन में क्षमताओं की कमी है। उनसे काम संभल नहीं रहा है। मेरी इच्छा पीपुल फ्रेंडली पुलिस बनाने की है। लोग पुलिस से डरे नहीं उनकी दोस्त बने। माता रानी की जय हो।वही उन्होंने अपने आप को गृहमंत्री बाला बच्चन से ज्यादा बेहतर बताते हुए कहा कि वह गृहमंत्री बच्चन से ज्यादा बेहतर मंत्री साबित होंगे।साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि माता रानी ने मेरी पुकार सुन ली है। मेरे मंत्री बनने के दिन जल्दी आने वाले हैं।

कैबिनेट मंत्री ने कंसा तंज

शेरा के इस बयान पर कैबिनेट मंत्री डॉ. गोविंद सिंह तंज कसा है।गोविंद सिंह का कहना है कि शेरा तो प्रधानमंत्री बनने का इच्छुक है, समय से पहले भाग्य से ज्यादा किसी को मिला नही है।वही शेरा को सलाह देते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किस्मत में होगा तो मिल जाएगा, ज्यादा उछलकूद न करें ।शेरा भाई आप परिवार की प्रतिष्ठा के हिसाब से काम करें।

यह पहला मौका नहीं है जब शेरा ने गृहमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की हो।बीते दिनों ही उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि वे मंत्री बनना चाहते है और गृहमंत्री का पद मिले तो वे बेहतर काम करके दिखाएंगे।हालांकि उनका मंत्री बनना तय है। इस बात के संकेत उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलने के बाद ही दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि जल्द ही सबकों खुशखबरी मिलेगी। होली के बाद वे मंत्री जरुर बनेंगे।

गौरतलब है कि निर्दलीय विधायक पिछले एक हफ्ते पहले लापता हो गए थे। जिसके साथ कांग्रेसी कुनबे में हलचल मच गई थी। लेकिन लापता होने के कुछ घंटे बाद सुरेंद्र सिंह शेरा के बंगलुरु में होने की सूचना मिली थी। जिसके बाद उन्हें भोपाल लाया गया जहां उन्होंने मुख्यमंत्री कमलनाथ से मिलकर उन्हें समर्थन देने की बात कही थी। अब अचानक से शेरा का यह बयान आना निश्चय ही कांग्रेस के लिए शुभ संकेत नहीं है। हालांकि अभी तक विधायक शेरा के इस बयान पर किसी मंत्रियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। लेकिन शेरा के बयान के बाद एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज हो चली है।उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकती है, जिसमें बसपा विधायक रामबाई, निर्दलीय विधायक शेरा और सपा समेत कई नाराज कांग्रेस विधायकों को मंत्रिमंडल मे शामिल कर सकती है।हालांकि सीएम कमलनाथ अब शेरा की गृहमंत्री बनने की अभिलाषा पूरी करेंगे या नही यह देखना दिलचस्प होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews