जो कभी कहते थे “श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद” उन्होंने लगाए मुर्दाबाद के नारे

जो कभी कहते थे “श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद” उन्होंने लगाए मुर्दाबाद के नारे

अतुल सक्सेना//ग्वालियर।

राजनीति भी अजीब खेल दिखाती है। इस समय मध्यप्रदेश(madhya pradesh) की राजनीति में चल रहा घटनाक्रम नये जमाने की राजनीति का प्रत्यक्ष उदाहरण है जिसमें से केवल राज रह गया है नीति गायब हो गई है। यही वजह है कि ग्वालियर(gwalior) के जिस नेता को कांग्रेसी महाराज मानते थे और श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद के नारे लगाते थे आज उन्हीं समर्थकों में से कुछ ने ज्योतिरादित्य सिंधिया मुर्दाबाद के नारे लगाए।

ये भी अजीब इत्तेफाक है कि श्रीमंत माधव राव सिंधिया कांग्रेस कार्यालय जो कभी श्रीमंत सिंधिया जिंदाबाद के नारों से गूंजता था आज वहाँ ज्योतिरादित्य सिंधिया मुर्दाबाद के नारे लगे। सिंधिया के भाजपा में जाने से नाराज कांग्रेस नेताओं ने उनके कदम को पार्टी से धोखा बताते हुए साधारण सभा की बैठक में मुर्दाबाद के नारे लगाए। काफी देर तक जब कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने बंद नहीं किये तब कांग्रेस नेत्री रश्मि पवार नहीं और उन्होंने कार्यकर्ताओं को डांटकर चुप कराया। दरअसल जिला अध्यक्ष डॉ देवेंद्र शर्मा ने आज कांग्रेस कार्यालय में पार्टी की साधारण सभा की बैठक बुलाई थी बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा चल रही थी तभी कुछ कार्यकर्ता वहाँ आये और ज्योतिरादित्य सिंधिया(jyotiraditya scindia) मुर्दाबाद ले नारे लगाने लगे।

जिला अध्यक्ष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुछ अति उत्साही नौजवान साथी थे जिन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाए हमने उन्हें रोक दिया क्योंकि हमें किसी को मुर्दाबाद नहीं कहना बल्कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि बैठक में सदस्यता अभियान में तेजी लाना और नगर निगम चुनाव की मतदाता सूची का अवलोकन कर जनता तक पार्टी की पहुँच बनाने का फैसला लिया गया। जिला अध्यक्ष ने कहा कि अभी तक हमारे पास कोसो भी सिंधिया समर्थक नेता या पदाधिकारी का इस्तीफा नहीं आया है जब आयेगा तो उस हिसाब से निर्णय लिया जायेगा।

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