सिंधिया को लेकर ये क्या बोल गए दिग्विजय…

सिंधिया को लेकर ये क्या बोल गए दिग्विजय…

भोपाल।

शिवराज सरकार(shivraj government) को सत्ता में आये तीन महीने से अधिक का वक़्त हो चूका है किन्तु अभी भी यहां की गलियों में सियासी जंग जारी है। जिसको लेकर एक बार फिर उपचुनाव(by-election) से पहले कांग्रेस(congress) के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह(former chiefminiter digvijay singh) ने ज्योतिरादित्य सिंधिया (jyotiraditya scindia) पर निशाना बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि सिंधिया को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल होने की जल्दी थी।इसी के साथ उन्होंने सिंधिया पर कहा की इतना सम्मान किसी नेता को नहीं मिला लेकिन उनमें सब्र नहीं था। उन्होंने पाला बदल दिया।

दरअसल रविवार को मीडिया(media) से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि सिंधिया के पार्टी छोड़ने पर मुझे दुख है लेकिन दुख इस बात पर ज्यादा है कि वह उस पार्टी में शामिल हो गए। जहाँ नेताओं की नहीं चलती। राज्यसभा उम्मीदवार ने कहा कि मैंने कई बार सिंधिया से कहा था कि मैं और कमलनाथ 73-74 वर्ष के हैं। अगले 20-25 साल आपको ही राजनीति करना है। लेकिन उनमें सब्र नहीं था। उन्हें केंद्र में मंत्री बनना था। जबकि सिंधिया जब कांग्रेस में थे। तो मुरैना से मंदसौर तक अपने कार्यकर्ताओं को पद देते और दिलवा देते थे।

विधायकों की बड़ी थी मांग

विधायकों के कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने कि बात पर बोलते हुए सिंह ने कहा कि कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए सारे विधायकों की मांग बड़ी थी। भाजपा में गए 22 विधायकों में से 10 से 12 हमारे संपर्क में थे लेकिन इन्हें करीबन 25 से 35 करोड़ रुपए दिए गए।

कमलनाथ दोस्ती निभाने वाले शख्स

दूसरी तरफ कमलनाथ पर बोलते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ और उनके बीच कोई मतभेद नहीं है। कई लोगों ने कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ से उनके रिश्ते 40 साल पुराने हैं। बहुत लोगों ने उनके रिश्तो में दरार डालने की कोशिश की है। लेकिन उन्होंने हर बार बात करके इसे सुलझाया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि कमलनाथ दोस्ती निभाने वाले शख्स है।

पार्टी तय करेगी उम्मीदवार

वहीँ उपचुनाव की बात पर दिग्विजय सिंह ने कहा है की उपचुनाव का मसला पार्टी तय करेगी। हम सब मिलकर पार्टी और उपचुनाव की तैयारी कर रहे हैं बाकी जनता बिके हुए लोगों को सबक सिखाएगी।

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निदेशक और संपादक

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