
Health Tips : इन दिनों बिजी लाइफस्टाइल में लोगों को खुद के लिए टाइम नहीं होता। अधिक वर्क लोड बढ़ाने के कारण वह धीरे-धीरे तनाव का शिकार होने लगते हैं। जिनमें महिलाएं भी शामिल होती है। क्योंकि उनमें हार्मोनल चेंजेज होने के कारण उनका दिमाग सही ढंग से काम नहीं कर पाता और हर मिनट उनका मूड स्विंग करता है। बता दें कि महिलाओं में हार्मोन में उतार-चढ़ाव की प्रक्रिया सामान्य होती है, लेकिन इसमें लगातार संतुलन चिंता को बढ़ा सकते हैं, जिससे वह मेंटल स्ट्रेस का शिकार होने लगती है। हालांकि, इससे पहले उन्हें कई तरह के संकेत मिलते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से…

इर्रेगुलर पीरियड्स
- महिलाओं को हर महीने पीरियड्स होता है। अगर यह टाइम पर आए तो, इससे उनके शारीरिक विकास और सभी चीज बैलेंस रहती है, लेकिन कई बार हार्मोनल डिसबैलेंस के कारण इसके समय में बदलाव होता है।
- अगर आपके साथ रेगुलर ऐसा हो रहा है, तो आपको इस पर ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) जैसी वजह के कारण होता है।
- बता दें कि इस कारण आपकी जान भी जा सकती है। इसलिए बिना इग्नोर किए इस लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बालों का झड़ना
- हार्मोनल असंतुलन के कारण बाल झड़ने लगते हैं। इसके साथ ही आप धीरे-धीरे पतली होने लगते हैं। इसके साथ ही कई तरह की हार्मोनल परिवर्तन देखने को मिलता है।
- जिसकी मुख्य वजह बदलती जीवन शैली और खान-पान है। यदि आप बाहर का खाना ज्यादा खाती हैं, तो आप पर हार्मोनल असंतुलन का असर देखने को मिलेगा। इससे आप स्ट्रेस से भारी रहेगी जोकि एक गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।
पीरियड्स में दिक्कत
- यदि शुरू में आपका पीरियड्स 5 से 7 दिन तक होता हो और धीरे-धीरे हार्मोनल असंतुलन के कारण वह कम दिन हो जाए तो यह बेहद ही गंभीर समस्या हो सकती है। इसे बिना नजर अंदाज किए हुए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- कई बार ऐसी सिचुएशन में आपके यूट्रस में कोई गंभीर प्रॉब्लम हो सकती है, जिससे आप अनजान हो और ऐसे में आपकी जान भी जा सकती है। इसलिए संकेत मिलते ही तत्काल सचेत हो जाएं।
चेहरे पर बदलाव
- हार्मोनल चेंजेज के कारण स्कीन से जुड़ी प्रॉब्लम होने लगती है। हालांकि, मुहासे तो होना स्वाभाविक है लेकिन अगर आप लगातार इसे इग्नोर कर रहे हैं, तो आप तुरंत डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
- अन्यथा, इसका असर आपको अपनी स्कीन पर देखने को मिलेगा। इससे आगे चलकर आपको परेशानी हो सकती है। अगर आपको भी अपने चेहरे पर बदलाव देखने को मिले तो आप नजरअंदाज ना करें।
मूड स्विंग
- हार्मोनल असंतुलन के कारण मूड स्विंग होता रहता है। इस दौरान आप स्ट्रेंस, डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन का शिकार हो सकती हैं। इसके लिए आप बहुत से उपाय अपना सकती हैं, जिन्हें करने से आपको इस समस्या से निजात मिल सकता है।
- बार-बार मूड स्विंग करना आपके लिए हानिकारक होने के साथ ही आपसे जुड़े लोगों के लिए भी परेशानी ला सकता है।
हाइड्रेट रखें
- अगर आपको लगातार थकान महसूस हो रही है या फिर आप लो फिल कर रहे हैं, तो यह हार्मोन में संतुलन का संकेत हो सकता है। इससे बचने के लिए आप अपनी लाइफस्टाइल को चेंज करें।
- आपको इसके लिए खुद को हाइड्रेट रखने की जरूरत है। दिन भर में 9 से 10 गिलास पानी अवश्य पिएं और भरपूर नींद लें।
- किसी बात का स्ट्रेस लेने से बच्चे अपने दिमाग को सही रखें। इससे आप एक हेल्थी लाइफस्टाइल जी सकती हैं।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)
सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

