सर्दियों में रहना चाहते हैं तंदुरुस्त, करें इन चीजों का सेवन

सर्दियों में रहना चाहते हैं तंदुरुस्त, करें इन चीजों का सेवन

हेल्थ, डेस्क रिपोर्ट। सर्दियों का मौसम सेहत बढ़ने के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है। यदि आप तंदुरुस्त(Fit And Healthy)  रहना चाहते हैं तो अपनी दिनचर्या में ऐसी चीजें शामिल करें जो आपको तंदुरुस्त यानि फिट रख सकती हैं।

  • काजू – सर्दियों में काजू शरीर को स्वस्थ रखता है।  काजू में कैलोरी की मात्रा अधिक होती है इसलिए ये शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है।
  • बादाम – बादाम शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। बादाम दिमाग को तेज करता है।  इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाया जाता है या फिर दूध में या हलवा बनाकर भी खा सकते हैं।
  • खसखस – खसखस सर्दियों में बहुत उपयोगी होती है इसे खाने से दिनभर शरीर में ऊर्जा रहती है।  भगी हुई खसखस सुबह खाली पेट खाने से दिमाग तेज करती है।
  • अखरोट – अखरोट खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है। अखरोट में प्रोटीन, फाइबर और विटामिल ए होता है ये कोलेस्ट्रॉल को कम करता है।
  • पिंड खजूर – पिंड खजूर सर्दियों में खाने वाला बहुत उपयोगी फल है।  इसमें आयरन के साथ साथ मिनरल्स और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होते हैं।
  • गजक – गजक को सर्दियों की मिठाई भी कहते हैं।  ये गुड़ और तिल की बनी होती है।  गुड़ में आयरन और फास्फोरस बहुत होता है।  तिल  में वसा और कैल्शियम होता है।  गजक खाने से सर्दियों में शरीर को अधिक कैलोरीज मिलती है शरीर गर्म रहता है।
  • हरी सब्जियां – सर्दियों में हरी सब्जियां बहुत फायदेमंद होती हैं।  हरी सब्जियों में आयरन के साथ साथ शरीर के लिए आवश्यक तत्व होते हैं जो पर्याप्त पोषण देते हैं।
  •  शहद – शहद एक बहुत गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि भी है, ये प्राकृतिक एंटीबायोटिक भी कहलाता है। सर्दियों में शहद खाने से शरीर को बहुत लाभ होता है। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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