दिवाली से पहले हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को गुड न्यूज मिल सकती है। खबर है कि दिवाली से पहले सुक्खू सरकार राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) की अगली किस्त जारी करने की तैयारी में है।
इसके लिए वित्त विभाग ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू को भेज दिया है। अंतिम फैसला अब मुख्यमंत्री को लेना है। अगर सरकार दिवाली से पहले डीए की दरों (3 या 5 फीसदी) का ऐलान करती है तो इससे प्रदेश के लगभग 1.90 लाख कर्मचारी और 1.70 लाख से अधिक पेंशनर्स व पारिवारिक पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। हालांकि किस्त कितने प्रतिशत होगी और इसका लाभ कब से मिलेगा, एरियर का भुगतान किस तरह से होगा, यह आधिकारिक घोषणा या आदेश के जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
ये भी पढ़ें
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्पीति घाटी के दौरे पर कहा था कि सरकार त्योहारों पर कर्मचारियों व पेंशनरों को राहत देने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इससे पहले 26 सितंबर को मुख्यमंत्री सुक्खू ने मंडी जिले की बल्ह विधानसभा क्षेत्र के कंसा चौक में जनसभा को संबोधित करते हुए भी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जल्द जारी करने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारी दिवाली अच्छी तरह मना सकेंगे और प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर संवेदनशील है।
वर्तमान में मिल रहा 45 प्रतिशत महंगाई भत्ता, 6 किस्तें अब भी लंबित
दरअसल, वर्तमान में राज्य के कर्मचारियों को 45 प्रतिशत महंगाई भत्ते का लाभ मिल रहा है, जबकी केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 60 प्रतिशत है और जुलाई 2026 से फिर 3 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है, इसका ऐलान दिवाली से पहले होना है। इस तरह वर्तमान में केंद्र और राज्य कर्मचारियों के भत्ते में 15 प्रतिशत का अंतर है।
विधानसभा के मानसून सत्र में उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की कुल 6 किश्तें लंबित हैं। इन 6 किश्तों की कुल दर 15 प्रतिशत है। इसमें 1 जुलाई 2023 से 1 प्रतिशत, 1 जनवरी 2024 से 4 प्रतिशत, 1 जुलाई 2024 से 3 प्रतिशत, 1 जनवरी 2025 से 2 प्रतिशत, 1 जुलाई 2025 से 3 प्रतिशत और 1 जनवरी 2026 से 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है। इन छह किश्तों को जोड़ने पर कुल लंबित महंगाई भत्ता 15 प्रतिशत बनता है। इनमें सबसे पुरानी किश्त एक जुलाई 2023 से लंबित है। हालांकि विभिन्न कर्मचारी संगठन लंबे समय से केंद्र की तर्ज पर लंबित देनदारी चरणबद्ध या एकमुश्त जारी करने की मांग कर रहे हैं।
