
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विधानसभा में बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश के लिए आने वाली योजनाओं के बजट का ब्याज अपने पास रख रही है। उन्होंने बताया कि एसएनए स्पर्श स्कीम के तहत खोले गए खातों का ब्याज भारत सरकार को देना पड़ता है। अगर ब्याज नहीं दिया गया तो केंद्र की ओर से चेतावनी मिलती है कि अगला बजट जारी नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का बजट जब बैंकों में जमा रहता है तो उस पर ब्याज राज्य को नहीं मिलता, बल्कि केंद्र सरकार उसे अपने खाते में जोड़ लेती है।
केंद्र पर बरसे हिमाचल के सीएम
प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए सीएम ने जानकारी दी कि बैंकों में कई वर्षों से बंद पड़े सरकारी खातों को चालू करवाया जाएगा। इन खातों में जमा राशि को अब अधिक ब्याज देने वाले बैंकों में रखा जाएगा ताकि राज्य को लाभ हो। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की एफडी से 500 करोड़ रुपये का ब्याज सरकार की ट्रेजरी में जमा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पर्यटन विकास निगम के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट का निजीकरण करने का सरकार का कोई विचार नहीं है। पर्यटन विकास निगम ही सभी होटलों और रेस्टोरेंट का संचालन करेगा।
इसी बीच भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सवाल किया कि जिन विभागों की एफडी थी, क्या उसका पैसा उन्हीं विभागों में खर्च किया जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग ट्रेजरी के अधीन आते हैं और जिसकी जरूरत होगी, उसे बजट जारी किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकारी पैसों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि राज्य को आर्थिक मजबूती मिल सके।
वहीं, नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने भी सवाल उठाया कि सरकारी खाते नान-ऑपरेटिव क्यों हुए और इतने वर्षों तक उन्हें चालू क्यों नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही तय होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस मामले में जिम्मेदारी तय कर सरकार आगे की कार्यवाही करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है।
