‘वोट चोर, कुर्सी छोड़’ रैली में कांग्रेस का प्रदर्शन, गुटबाजी से बिगड़ा माहौल

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस ने ‘वोट चोर, कुर्सी छोड़’ रैली का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी उत्साह दिखाया। कांग्रेस ने इस रैली को अपने प्रदेश मुख्यालय में आयोजित किया था, जहां कार्यकर्ताओं ने बढ़–चढ़कर हिस्सा लिया।
‘वोट चोर, कुर्सी छोड़’ रैली में कांग्रेस का प्रदर्शन, गुटबाजी से बिगड़ा माहौल

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में कांग्रेस ने ‘वोट चोर, कुर्सी छोड़’ रैली का आयोजन किया, जिसमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारी उत्साह दिखाया। इस रैली में प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, डिप्टी सीएम, सभी मंत्री, विधायक, निगम बोर्डों के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन सहित कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मौजूद रहे। कांग्रेस ने इस रैली को अपने प्रदेश मुख्यालय में आयोजित किया था, जहां कार्यकर्ताओं ने बढ़–चढ़कर हिस्सा लिया।

रैली में कांग्रेस का प्रदर्शन

हालांकि, रैली के दौरान पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता भी सामने आई। मुख्यमंत्री सुक्खू और मंत्री विक्रमादित्य सिंह के समर्थक आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। माहौल इतना गर्म हो गया कि कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को अपना भाषण रोकना पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए सह प्रभारी चेतन चौहान को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद नारेबाजी धीरे–धीरे शांत हुई। इस घटना ने पार्टी के भीतर गुटबाजी की तस्वीर को उजागर कर दिया।

माहौल शांत होने के बाद प्रतिभा सिंह ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं का यह जोश आगे भी बरकरार रहना चाहिए। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वोट चोरी का मुद्दा मजबूती से उठाया है और अब कांग्रेस इस मुद्दे को गांव–गांव तक ले जाएगी। प्रतिभा सिंह ने कांग्रेस आलाकमान से प्रदेश कार्यकारिणी का गठन जल्द करने की मांग भी रखी। वहीं, कांग्रेस मुख्यालय में अव्यवस्था से नाराज होकर गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने पत्रकारों को घेरा और कहा कि यह कांग्रेस का कार्यक्रम है, मीडिया का नहीं। इससे नाराज होकर सभी पत्रकार कार्यक्रम छोड़कर बाहर चले गए।

रैली के चलते वीवीआईपी गाड़ियों को कार्ट रोड और नो पार्किंग जोन में खड़ा किया गया, जिससे आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं, कॉम्बरमेयर होटल के पास पुल पर भी गाड़ियों की गलत तरीके से पार्किंग की गई। गौरतलब है कि कांग्रेस संगठन का गठन हिमाचल में पिछले 10 महीने से लंबित है और नए प्रदेशाध्यक्ष का चयन भी होना बाकी है। इसी संदर्भ में प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल तीन दिन के दौरे पर शिमला पहुंची हैं। विधानसभा सत्र में भी इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है, जिससे यह साफ है कि कांग्रेस संगठन को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष और खींचतान जारी है।

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