अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार 2025 के लिए दलाई लामा और आचार्य लोकेश मुनि और मलाला यूसुफजई का चयन

अंतर्राष्ट्रीय जूरिस्ट काउंसिल (International Council of Jurists) ने 2025 के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए तीन प्रमुख हस्तियों का चयन किया है।
अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार 2025 के लिए दलाई लामा और आचार्य लोकेश मुनि और मलाला यूसुफजई का चयन

अंतर्राष्ट्रीय जूरिस्ट काउंसिल (International Council of Jurists) ने 2025 के प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए तीन वैश्विक हस्तियों को चुना है। तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो, जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई को यह सम्मान उनके शांति और सामाजिक समरसता के प्रति योगदान के लिए दिया जाएगा। यह जानकारी तिब्बती वेबसाइट tibet.net के माध्यम से सामने आई है।

काउंसिल ने बताया कि दलाई लामा को यह पुरस्कार अहिंसा, वैश्विक शांति और करुणा के प्रति उनके आजीवन समर्पण के लिए प्रदान किया जा रहा है। वे इससे पहले भी कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें 1989 का नोबेल शांति पुरस्कार, 2006 का अमेरिकी कांग्रेसनल गोल्ड मेडल, 2012 का टेम्पलटन पुरस्कार और 2025 का गोल्ड मर्करी पुरस्कार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें अनेक विश्वविद्यालयों द्वारा मानद उपाधियाँ भी दी गई हैं।

शांति प्रयासों को मिलेगा प्रोत्साहन

इस पुरस्कार की घोषणा एक अंतर्राष्ट्रीय मार्च से ठीक पहले की गई है जो परमाणु निरस्त्रीकरण और विश्व शांति के समर्थन में आयोजित किया जा रहा है। काउंसिल का मानना है कि यह पुरस्कार न केवल इन महान हस्तियों को सम्मानित करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और करुणा की पहल को भी नई दिशा देगा।

तीनों हस्तियों ने दिए हैं वैश्विक समाज को सकारात्मक संदेश

दलाई लामा, आचार्य लोकेश मुनि और मलाला यूसुफजई ने अपने-अपने क्षेत्रों में शांति, अहिंसा, शिक्षा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। यह पुरस्कार उनके मानवता के प्रति समर्पण और वैश्विक समाज को दिए गए सकारात्मक संदेश की सराहना के रूप में देखा जा रहा है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews