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ED की बड़ी कार्रवाई, 1,396 करोड़ के बैंक लोन फर्जीवाड़े में लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्ति जब्त

Written by:Neha Sharma
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिमला जोनल ऑफिस ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन को अंजाम देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक लोन फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां और कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं।
ED की बड़ी कार्रवाई, 1,396 करोड़ के बैंक लोन फर्जीवाड़े में लग्जरी कारें और करोड़ों की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिमला जोनल ऑफिस ने एक बड़े सर्च ऑपरेशन को अंजाम देते हुए मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक लोन फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां और कई लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं। ईडी ने यह कार्रवाई 30 अगस्त 2025 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में दो ठिकानों पर छापेमारी कर की। यह मामला इंडियन टेक्नोमैक कंपनी लिमिटेड (ITCOL) से जुड़ा है, जिस पर 1,396 करोड़ रुपये के बैंक लोन में धोखाधड़ी का आरोप है। जांच एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान 13 लाख रुपये नकद, करीब सवा करोड़ के आभूषण, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और कई अहम रिकॉर्ड जब्त किए।

ED की बड़ी कार्रवाई

ईडी के मुताबिक, जिन जगहों पर छापे मारे गए उनमें शक्तिरंजन दास के आवासीय परिसर और उनकी कंपनियों – M/s Anmol Mines Pvt. Ltd. (AMPL) और M/s Anmol Resources Pvt. Ltd. (ARPL) के दफ्तर शामिल हैं। यह जांच हिमाचल प्रदेश पुलिस की CID द्वारा दर्ज की गई FIR से शुरू हुई थी। आरोप है कि ITCOL और उसके निदेशकों ने बैंकों से ऋण लेने के लिए फर्जी प्रोजेक्ट रिपोर्ट और नकली बिक्री का सहारा लिया। 2009 से 2013 के बीच बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से लिए गए लोन को तय प्रोजेक्ट्स पर न लगाकर दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

सर्च ऑपरेशन के दौरान ईडी ने 10 लग्जरी कारों और तीन सुपरबाइक्स को भी जब्त किया। जब्त वाहनों में Porsche Cayenne, Mercedes Benz GLC, BMW X7, Audi A3, Mini Cooper और Honda Gold Wing बाइक शामिल हैं। सूत्रों के मुताबिक जब्त की गई सुपरबाइक की कीमत लगभग सात करोड़ रुपये आंकी गई है। इसके अलावा दो लॉकर भी फ्रीज किए गए हैं, जिन्हें खोले जाने के बाद और बड़े खुलासे की संभावना है। ईडी का कहना है कि यह अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।

जांच में सामने आया कि ITCOL और उसकी शेल कंपनियों ने लगभग 59.80 करोड़ रुपये ओडिशा स्थित AMPL के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। आरोप है कि AMPL के एमडी शक्तिरंजन दास ने ITCOL के प्रमोटर राकेश कुमार शर्मा की मदद से बैंक लोन की रकम को माइनिंग गतिविधियों में निवेश किया और अवैध कमाई को वैध दिखाने का प्रयास किया। ईडी ने इससे पहले भी इसी केस में करीब 310 करोड़ की संपत्तियां अटैच की थीं, जिनमें से 289 करोड़ की संपत्ति अप्रैल 2025 में बैंकों को वापस की जा चुकी है। अब जांच एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।