
हिमाचल प्रदेश सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियों और नियमितीकरण से जुड़े बड़े फैसले लिए हैं। राज्य मंत्रिमंडल के हालिया निर्णय के बाद शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत सीमित सीधी भर्ती (एलडीआर) कोटे में पांच फीसदी की छूट देकर एसएमसी शिक्षकों के 1,284 पद भरे जाएंगे। इस प्रक्रिया के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला परीक्षा आयोजित करेगा। चयनित उम्मीदवारों को शुरुआत में जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त किया जाएगा और उसके बाद उन्हें नियमितीकरण का लाभ मिलेगा।
सीमित सीधी भर्ती के तहत विभिन्न श्रेणियों (टीजीटी, शास्त्री, डीएम, एलटी) के 143 पदों को भरा जाएगा। 31 मार्च 2025 तक मौजूदा और अनुमानित रिक्तियों के आधार पर भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत यह प्रक्रिया होगी। इन श्रेणियों में कुल 1,427 पदों में से 143 पद एलडीआर कोटे से भरे जाएंगे। शेष 1,284 पदों को आने वाले वर्षों में पांच फीसदी एलडीआर दर में छूट देकर भरा जाएगा, लेकिन यह छूट केवल बैचवाइज कोटे की रिक्तियों पर ही लागू होगी। इस साल पर्याप्त रिक्तियां उपलब्ध नहीं होने के कारण चयनित उम्मीदवारों को भविष्य की संभावित रिक्तियों में शामिल किया जाएगा।
भर्ती में विभिन्न पदों का भी ब्योरा तय
शिक्षकों की भर्ती में विभिन्न पदों का भी ब्योरा तय किया गया है। एलडीआर कोटे से जेबीटी के 62, टीजीटी संस्कृत के 6, ड्राइंग मास्टर के 16, टीजीटी हिंदी के 11, टीजीटी कला के 24, टीजीटी नॉन-मेडिकल के 13 और टीजीटी मेडिकल के 11 पद भरे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से लंबे समय से काम कर रहे एसएमसी शिक्षकों को स्थिरता और उचित अवसर मिलेगा।
इसके अलावा, प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत 1,404 प्रवक्ताओं को हाईकोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति की तिथि से नियमित स्केल का लाभ मिलेगा। ये प्रवक्ता साल 2008-09 में अनुबंध पर नियुक्त हुए थे। चार अक्तूबर 2024 को हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि इन्हें नियुक्ति तिथि से नियमित माना जाए और सभी लाभ दिए जाएं। सरकार ने प्रारंभ में हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सेवा शर्त अधिनियम 2024 का हवाला देकर इससे इनकार किया था, लेकिन अदालत ने इसे गलत व्याख्या करार दिया। अंततः 18 अगस्त 2025 को शिक्षा विभाग ने प्रवक्ताओं को नियमित नियुक्ति का लाभ प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी।
इसी बीच, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने जमा एक कक्षा में दाखिले की अंतिम तारीख 15 सितंबर तक बढ़ा दी है। हाल ही में स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं कक्षा के पुनर्मूल्यांकन के परिणाम घोषित किए गए, जिसमें कई विद्यार्थी पास हुए हैं। ऐसे विद्यार्थियों को अवसर देने के लिए सरकार ने दाखिले की तारीख आगे बढ़ाई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस कदम से किसी भी विद्यार्थी का भविष्य अधर में नहीं लटकने पाएगा।
