हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में शिमला से दिल्ली और धर्मशाला के लिए हवाई सेवाओं को फिर से शुरू करने की मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा, राज्य में पंचायत चुनाव 30 अप्रैल से पहले कराने का भी फैसला हुआ है।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अलायंस एयर के साथ करार खत्म होने के कारण ये उड़ानें कई महीनों से बंद थीं। इन उड़ानों के शुरू होने से न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा होगी, बल्कि देशभर से आने वाले पर्यटकों को भी बड़ा फायदा मिलेगा, जिससे राज्य के पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
प्रशासनिक कार्यों में तेजी के लिए सेवानिवृत्त कर्मियों की होगी नियुक्ति
राजस्व विभाग में सीमांकन, विभाजन और इंतकाल के लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए सरकार ने सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों को फिर से नियुक्त करने का फैसला किया है। इन कर्मियों को एक निश्चित मानदेय पर रखा जाएगा।
सरकार के फैसले के अनुसार, सेवानिवृत्त तहसीलदार को 70 हजार, नायब तहसीलदार को 60 हजार, कानूनगो को 50 हजार और पटवारी को 40 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इसके साथ ही, तहसीलदार के 7 नए पदों को भरने की भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
“पंचायत चुनाव कोर्ट के आदेशानुसार ही करवाए जाएंगे।” — हर्षवर्धन चौहान, उद्योग मंत्री
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सैकड़ों पदों पर भर्ती
कैबिनेट ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में एक कैंसर विभाग खोलने का निर्णय लिया है, जिसके लिए विभिन्न श्रेणियों के 250 पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा चंबा, टांडा, नाहन और IGMC शिमला में तकनीकी स्टाफ के 120 पद भरे जाएंगे।
IGMC में अस्पताल प्रशासन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2 पद और खेल विभाग में कोच के 4 पदों को भी मंजूरी दी गई है। आबकारी एवं कराधान विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाएंगे।
पर्यटन और खाद्य सुरक्षा पर भी जोर
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शिमला के लक्कड़ बाजार में एक अंतरराष्ट्रीय मानक का आइस स्केटिंग रिंक बनाने को मंजूरी दी गई है। इसके बनने से यहां साल के 12 महीने स्केटिंग हो सकेगी। वहीं, कांगड़ा के नड्डी में 7.14 करोड़ रुपये की लागत से एक जिप लाइन प्रोजेक्ट को निजी क्षेत्र में शुरू करने की भी अनुमति दी गई है।
इसके अतिरिक्त, सोलन जिले के कंडाघाट में एक खाद्य सुरक्षा प्रयोगशाला (फूड सेफ्टी लैब) खोली जाएगी, जिसमें 26 पदों पर भर्ती होगी। इस लैब के शुरू होने से बाहरी राज्यों से आने वाले खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित हो सकेगी।





