हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज एवं शहरी निकाय चुनावों के लिए लागू आदर्श आचार संहिता के मध्य शुक्रवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जहां एक ओर सरकार ने विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भाजपा ने इन फैसलों की वैधानिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस बैठक में प्रदेश भर की दुकानों को अब चौबीसों घंटे खुले रखने की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की अपेक्षा है। इसके अतिरिक्त, कॉलेज प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु को 62 वर्ष से बढ़ाकर 63 वर्ष करने का महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया गया है। मत्स्य पालन से संबंधित रॉयल्टी को सात प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत करने की मंजूरी दी गई, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने पूर्व में बजट सत्र के दौरान की थी।
मंत्रिमंडल ने मिड-डे मील वर्कर, एसएमसी एवं मल्टी टास्क वर्कर के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी का फैसला किया है, जिससे इन कर्मियों को आर्थिक राहत मिल सकेगी। इसी क्रम में, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये से कम है, ऐसी महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया है। पंचायत चौकीदारों के मानदेय में 500 रुपये और सिलाई अध्यापिकाओं के मानदेय में 1000 रुपये की वृद्धि को भी कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। लोक निर्माण विभाग में कार्यरत मल्टी टास्क वर्करों का वेतन 5,500 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये करने का निर्णय लिया गया है, जो उनके जीवन स्तर में सुधार लाने में सहायक होगा।
विभिन्न विभागों में पदों को भरने की मंजूरी
राज्य में विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े पदों को भरने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। मंत्रिमंडल ने पुलिस विभाग में क्लर्क के 12 पदों, सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के 105 पदों, एपीआरओ के चार पदों तथा जेओए आईटी के 500 पदों को भरने की मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त, आईटीआई में क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर के 94 पदों को भी भरा जाएगा। विशेष रूप से, राज्य के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में 1500 पदों पर भर्ती को भी हरी झंडी दी गई है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में मानव संसाधन की कमी को दूर किया जा सकेगा। साथ ही, स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध 300 स्कूलों को सीबीएसई स्कूलों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय भी लिया गया है, जो शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्धि करेगा। इन सभी नियुक्तियों से कुल 2215 पदों को भरने की प्रक्रिया आरंभ होगी।
हिम चंडीगढ़ एयरोसिटी को स्थापित करने हेतु 8 हजार बीघा भूमि आवंटित करने को भी मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है। प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को भी मंजूरी मिली है, जिसके तहत जिला, उपमंडल एवं ब्लॉकों का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
भाजपा ने सुक्खू सरकार पर लगाया आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का आरोप
हालांकि, इन फैसलों पर भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आदर्श आचार संहिता का खुलेआम उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद चुनावों के कारण आचार संहिता लागू है, ऐसे में अचानक मंत्रिमंडल की बैठक बुलाना और चुनावी परिणामों को सीधे तौर पर प्रभावित करने वाले निर्णय लेना कांग्रेस सरकार की मंशा पर संदेह उत्पन्न करता है। महाजन ने विशेष रूप से महिलाओं को लुभाने वाली घोषणाओं, नए पदों के सृजन तथा नए एसडीएम कार्यालयों एवं ईएनसी कार्यालयों को मंजूरी देने जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए इसे चुनावी प्रक्रिया के बीच किया गया कार्य बताया है। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल इस कैबिनेट के निर्णयों की समीक्षा करने की मांग की है, ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन सुनिश्चित किया जा सके।





