हिमाचल प्रदेश सरकार का मंत्रिमंडल सोमवार दोपहर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक करेगा। इस बैठक में नई भर्तियों के मामलों पर अहम फैसले लिए जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े करीब 600 पदों को भरने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, सरकार मेडिकल अफसर के 200 और नर्सिंग स्टाफ के 400 पदों को मंजूरी देने जा रही है। विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके थे कि सत्र के बाद रोजगार के नए अवसरों पर निर्णय लिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग में शिमला के सुपर स्पेशियलिटी विंग के लिए 30 अतिरिक्त पदों की स्वीकृति भी दी जा सकती है। हालांकि, रोगी मित्र भर्ती का मामला इस बार कैबिनेट एजेंडा में शामिल नहीं किया गया है। वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की भर्ती को लेकर भी फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा, क्योंकि इसके लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। यानी स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी भर्तियों को ही इस बैठक में प्राथमिकता दी जाएगी।
हिमाचल कैबिनेट की अहम बैठक
शिक्षा विभाग से संबंधित बड़ा मामला भी कैबिनेट में रखा जाएगा। सरकार प्रदेश के 100 स्कूलों को राज्य शिक्षा बोर्ड से हटाकर सीबीएसई बोर्ड में बदलने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री पहले ही 200 स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड में कन्वर्ट करने की घोषणा कर चुके हैं, जिसके पहले चरण में 100 स्कूलों को शामिल करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस कदम से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं और प्रतिस्पर्धाओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।
बैठक में राज्य चयन आयोग के नए रेगुलेशन को मंजूरी देने पर भी चर्चा होगी। अभी तक आयोग में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन के रेगुलेशन ही लागू थे, लेकिन अब प्रदेश की जरूरतों के अनुसार नए नियम लागू किए जाएंगे। स्वास्थ्य और कार्मिक विभाग से जुड़े कई प्रस्ताव कैबिनेट के सामने हैं, जबकि राजस्व विभाग से इस बार कोई बड़ा मामला शामिल नहीं किया गया है। कुल मिलाकर, यह बैठक राज्य में रोजगार, शिक्षा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी नीतियों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।





